मजदूर पिता का बेटा इसरो में बना वैज्ञानिक

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Published: 24 Jun 2021, 11:42 PM IST

इसरो के कई अंतरिक्ष कार्यक्रमों से जुड़ेेंगे सोमनाथ

मुंबई. मन में लगन और मजबूत इच्छाशक्ति हो तो कामयाबी जरूर मिलती है। महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के गांव सरकोली निवासी सोमनाथ नंदू माली ऐसे ही किरदार हैं। गरीब परिवार का बेटा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) में वैज्ञानिक बन गया है। सोमनाथ के माता-पिता और बड़ा भाई दूसरों के खेतों में मजदूरी करते हैं, लेकिन सोमनाथ की मंजिल कुछ और थी। पहले गांव के सरकारी स्कूल में पढ़े, फिर 12वीं तक की पढ़ाई सोलापुर से पूरी करने के बाद नंदू ने मुंबई से बीटेक किया। गेट परीक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर 916वीं रैंक आई। फिर दिल्ली आइआइटी से एमटेक किया। बीच में कुछ दिन इन्फोसिस में नौकरी की। नवंबर 2019 में इसरो में वरिष्ठ वैज्ञानिक की वैकेंसी के लिए आवेदन किया और अब वह इसरो के लिए चुने गए हैं।

मिसाइल मैन डॉ. कलाम हैं आदर्श
सोमनाथ के आदर्श भारत के मिसाइल मैन पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम हैं। कलाम की जीवनी पढकऱ उन्होंने प्रेरणा पाई है। इसरो कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इनमें चंद्रयान-3, अंतरिक्ष स्टेशन, खास खूबियों वाला रॉकेट जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। सोमनाथ को उम्मीद है कि उन्हें इन प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिलेगा।