जानिए कैसे है सोने के पिंजरे में राजस्थान सरकार

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Published: 01 Aug 2020, 10:28 AM IST

- भीतर विधायक ताकि न हो घात
- स्वर्णनगरी जैसलमेर में जमा है राज्य सरकार

बाड़मेर.
पिंजरा तो पिंजरा है..भले ही सोने का हों। तीज-त्यौहार के दिनों में शुक्रवार को मनभावन सावन जैसलमेर के चारों झूम कर बरस रहा था और मुख्यमंत्री पक्ष के विधायकों को आगामी 14 दिन तक इस होटल में कैद कर लिया गया। तमाम वीवीआईपी स्तर की सुविधाएं होगी लेकिन पिंजरे से बाहर आने की इजाजत नहीं। यह सोने का ङ्क्षपजरा है स्वर्णनगरी जैसलमेर का सूर्यागढ़ होटल। सोनार किले की शक्ल का शहर के करीब 18 किमी दूर बने होटल के दस किमी के दायरे में आबादी नगण्य है। इतना अभेद्य कि सुरक्षा को लेकर कोई चूक की गुंजाइश नहीं रखी है। मुख्यंमत्री सहित विधायकों के यहां पहुंचने से पहले ही पुलिस-प्रशासन पांवों पर दौडऩे लगा है। राजस्व मंत्री हरीश चौधरी एवं अल्पसंख्यक मामलात मंत्री शाले मोहम्मद को जिम्मा दिय गया है और जैसलमेर विधायक रूपाराम भी मेहमाननवाजी में लगे है। होटल के चप्पे-चप्पे पर नजर के साथ ही अंदर कैद विधायकों के आस-पास अवांछित परिंदा भी पर नहीं मार पाए ऐसे इंतजाम है।
इस होटल को क्यों चुना
-90 कमरों की होटल किले से कम नहीं
- 15-20 हजार प्रतिदिन सामान्य कमरे का किराया
- 35 हजार तक के है सुईट रूम
- 05 सितारा के समकक्ष है होटल की व्यवस्थाएं
-18 किमी दूर होने से सुरक्षित
- 01 हैलीपेड की सुविधा
- स्वीमिंगपूल, जिम, स्पॉ सहित आधुनिक सुविधाएं
चर्चित रही है होटल
-बीते साल यहां अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड टं्रंप के दामाद यहां एक शादी में आए थे, तब अमेरिका सुरक्षा एजेंसियों ने इसको अभेद्य रखा था
- इस होटल में पहला समलैंगिक विवाह हुआ था, जिसको लेकर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम चर्चित रहे थे
- होटल में पूर्व में मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शिवरासिंह और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधराराजे भी रुके हुए है
- अक्षयकुमार की फिल्म हाऊसफुल-4 की अधिकांश इनडोर शूटिंग यहां हुई थी,जिसमें अक्षयकुमार सहित फिल्म टीम एक महीना यहां रहे, उस वक्त भी गैरवांछित व्यक्ति होटल में कदम नहीं रख सके
होटल के साथ बजरी कारोबार
होटल मालिक मेघराजङ्क्षसह का जैसलमेर व बीकानेर में भी होटल का कारोबार है, साथ ही बजरी के भी ठेकेदार है।