सफर के लिए जापानी तकनीक से पैकिंग करें, फायदे देख रह जाएंगे दंग

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Published: 04 Jul 2020, 02:58 PM IST

मैरी कोन्डो का 'सामानों को पैक करने की कोनमारी मैथड'तकनीक आज बैगपैक की निंजा टेकनीक बन गई है-इस पर उन्होंने 2011 में 'द लाइफ चेंजिंग मैजिक ऑफ टाइडिंग अप'भी लिखी है। दुनिया भर में मशहूर है सफर के लिए पैकिंग करने की मैरी कोन्डो तकनीक, आप भी जानिये कुछ ख़ास टिप्स

मैरी कोंडो एक जापानी आयोजन सलाहकार हैं। उन्हें सामान रखने और संयोजन की जापानी तकनीक कोनमारी के नाम से भी जाना जाता है। मैरी ने 2011 में इस तकनीक पर चार किताबें लिखी हैं। इनमें 'द लाइफ चेजिंग मैथड ऑफ टाइडिंग अप' खासी लोकप्रिय हुई है जिसकी अब तक लाखों प्रतियां बेची जा चुकी हैं। किताब में उन्होंने कम जगह में ज्यादा सामान बेहतर ढंग से रखने के साथ ही घर को मैनेज करने के आसान टिप्स पाठकों से साझा किया। इसी साल नेटफ्लिक्स पर इस किताब पर वेब सीरीज भी प्रकाशित हुई है।

कोंडो की इस तकनीक से कइयों का जीवन बदल गया और बहुतों के घर। लेकिन जेनी अल्बर्टीनी जैसी कुछ महिलाएं इस बदलाव से भी आगे निकल गईं। कोंडो की तरह ही एक पेशेवर कोनमारी आयोजक बनने के लिए जेनी ने अपनी अमरीकी सरकारी राजनयिक नौकरी छोड़ दी। उन्होंने कोंडो की पुस्तक पढ़ी और खुद कोनमारी व्यवसायी बनने के लिए दिन-रात मेहनत करने लगीं। तीन दिवसीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पास करने और 50 घंटे के प्रैक्टिस कार्य पूरा करने के बाद साल 2016 में वह वाशिंगटन डीसी की पहली प्रमाणित कोनमारी मेथड कंसल्टेंट बन गईं। अब वे लोगों को अपने घर को व्यवस्थित करने में मदद करती हैं। यह तकनीक इतनी कारगर है कि यह कहीं भी आपको अविश्वसनीय परिणाम दे सकती है। कोनमारी विधि सड़क पर भी सहायक हो सकती है। इस तकनीक से सफर का सामान पैक करने से कम समय में जरुरत का ज्यादा से ज्यादा सामान एक ही सूटकेस या बैग में ले जाया जा सकता है। जेनी बता रही हैं सफर के लिए कोनमारी तकनीक के कुछ खास टिप्स जिनका उपयोग कर आप भी अपने सफर के बोझ को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

01. अपने सफर की प्रकृति के बारे में सोचें, मसलन यह कोई एडवेंचर ट्रिप है, बिजनेस ट्रिप है या फैमिली संग छुट्टियां बिताने निकले हैं। इसी के अनुसार साथ ले जाने वाली जरुरी चीजों का चयन करें।
02. अगर फिर भी चयन करने में परेशानी आ रही हो तो खुद से पूछे कि आप इस सफर पर कैसा महसूस करना चाहते हैं, या वाकई में आप इस यात्रा से क्या उम्मीद करते हैं कि यह कैसी होनी चाहिए- सुविधाजनक या सामानों से लदी हुई। अब इसी के अनुसार सोच-समझकर पैक करें।
03. सफर पर जाने की खुशी में अभिभूत होने की बजाय कम से कम पैकिंग के बारे में सोचें। सामान पैक करते समय दिखावे की जगह जरुरत को तरजीह दें।
04. केवल उन चीजों का चयन करें जिन्हें आप सबसे ज्यादा उपयोग करते हैं यार जो आपको सबसे ज्यादा खुशी देती हैं।

05. केवल उन चीजों को साथ लेकर चलें जिन्हें आप बार-बार उपयोग कर सकते हैं। बजाय किसी ड्रैस, सैंडिल या जूतों की उन जोड़ी के जिन्हें सिर्फ एक बार पहनकर अलग कर देंगे।०६. तरल सौंदर्य उत्पादों को टायलेटरीज से अलग रखें, अपने कपड़ों को गोलाई में लपेटें। कोनमारी तकनीकी के अनुसार इस तरह से कपड़े एक-दूसरे में उलझेंगे नहीं और ज्यादा जगह भी मिलेगी।
06. इस तकनीकी का उद्देश्य सामानों को एक ही दराज में बड़े ही करीने से हर चीज को व्यवस्थित करना है। आप इस तकनीक का उपयोग घर की अलमारी से लेकर सफर के बैग पैक तक में कर सकती हैं। यह चीजों को सुचारू रखता है। कपउ़ों की तह बिगडऩे नहीं देता और यह देखने की सुविधा भी देता है कि स्टॉक में हमारे पास क्या है और हम अगली शॉपिंग के समय इसे मैच कर सकते हैं।

07. तरल सौंदर्य उत्पादों को टायलेटरीज से अलग रखें, अपने कपड़ों को गोलाई में लपेटें। कोनमारी तकनीकी के अनुसार इस तरह से कपड़े एक-दूसरे में उलझेंगे नहीं और ज्यादा जगह भी मिलेगी।