पौधरोपण कर संकल्प लिया हरियाली से खुशहाली का...

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Updated: 10 Aug 2020, 12:26 PM IST

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जोधपुर में प्रदेश को हरा-भरा बनाने के लिए संकल्पित राजस्थान पत्रिका के 'हरयाळो राजस्थानÓ महाअभियान का आगाज रविवार को मंडोर क्षेत्र में दो जगहों पर सीमित लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग और जिला प्रशासन की गाइडलाइन की पालना करते हुए किया गया।

हरियाली से खुशहाली लाने वाले हरयाळो राजस्थान और हरित प्रदेश अभियान की शुरुआत इस वर्ष भी जोर—शोर से की गई। जगह—जगह लोगों ने हरियाली के लिए पौधरोपण किया। साथ ही पौधों को बचाने का संकल्प भी लिया। रविवार 9 अगस्त को पत्रिका के इस अभियान के तहत देश के विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण किया।
बेहतर पर्यावरण के लिए शुरू किया गया यह अभियान अब देश के 9 राज्यों में संचालित होता है। राजस्थान में यह 'हरियाळो राजस्थानÓ और मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडू और पश्चिमबंगाल सहित अन्य प्रदेशों में 'हरित प्रदेशÓ के नाम से संचालित होता है।

इसकी शुरुआत वर्ष 2004 में एक व्यक्ति एक पेड़ की थीम के साथ की गई। बारिश से पहले मई और जून के महीनों में श्रमदान के बाद 11 जुलाई 2005 को तत्कालीन उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत ने जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में इसकी प्रशंसा की और कहा कि इस तरह के अभियान राज्य की तस्वीर बदल सकते हैं। अभियान की सफलता से प्रेरित होकर पत्रिका मानव मित्र संस्थान ने हरयाळो राजस्थान अभियान से अपनी जमीनी टीम को जोड़कर राज्य के सभी जिलों में इसे चलाया। यह सिलसिला लगातार जारी है।

बीते वर्षों में हुए कार्य—
हरे-भरे पेड़ों पर चोरी-छिपे चल रहे कुल्हाड़ों के समाचार और शहर व राजमार्गों पर काटे जा रहे पेड़ों को लेकर समाचार अभियान चलाए गए।
— रैली एवं गोष्ठियों के जरिये जागरुकता कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों, छात्रों, महिला संगठनों, शहरों की विकास समितियों व अऩ्य संस्थाओं का जुड़ाव कराया गया।
—धार्मिक स्थानों, जलस्रोंतो की पाल, संस्थाओं की चारदीवारी एवं सरकारी भवनों के परिसरों में पौधारोपण कराए गए।
—निजी और सरकारी संस्थाओं के परिसरों, धार्मिक स्थानों, श्मशान घाट, ग्राम पंचायतों, पर्यटन स्थलों सहित सभी जगह वर्षाकाल में पौधारोपण किया गया।

पिछले वर्षों में इस अभियान के तहत लाखों लोगों ने इसमें भागीदारी की है। नौ राज्यों के 25 हजार से अधिक स्थानों पर लगभग 25 लाख पौधों का रोपण किया जा चुका है और अभी भी यह अनवरत जारी है।