पहले खुद जीती जंग, अब बने कोरोना वॉरियर्स

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Updated: 01 Aug 2020, 11:31 AM IST

कोटा शहर में प्जाज्मा डोनेट करके गंभीर कोरोना रोगियों का जीवन बचाने के लिए जोर पकड़ रही मुहिम।

कोटा. कोटा में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। इसी के साथ गंभीर रोगियों की जल्द रिकवरी के लिए प्लाज्मा थैरेपी की जरूरत पडऩे लगी है। कोरोना की जंग जीत चुके लोग कोरोना वॉरियर्स की भूमिका निभाते हुए गंभीर कोरोना रोगियों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के प्रचार्य डॉ. विजय सरदाना ने राजस्थान पत्रिका के माध्यम से कोरोना पॉजिटिव से नेगेटिव हुए लोगों से प्जाज्मा डोनेट करने की अपील थी। इसके साथ हृदय रोग विशेष डॉ. साकेत गोयल ने सबसे पहले आकर प्जाज्मा डोनेट किया। जिला कलक्टर उज्जवल राठौड़ और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अन्य लोगों को इस मुहिम से जुडऩे आह्वान किया। हाड़ौती विकास मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने इस अभियान से जुड़कर संभावित डोनर की तलाश करने में मदद की। इसके बाद टीम जीवनदाता के कार्यकर्ता भी इस मुहिम में जुड़ गए हैं। अब लोग खुद आकर आकर प्जाज्मा डोनेट कर रहे हैं। गुरुवार को एक चिकित्सक रोगी को जरूरत पडऩे पर एक डोनर ने अस्पताल जाकर प्लाज्मा डोनेट किया। टीम जीवनदाता के संयोजक व लायंस क्लब के जोन चेयरमैन भुवनेश गुप्ता ने बताया कि शाम पांच बजे उनके पास मैसेज आया कि ओ पॉजिटिव प्लाज्मा की आवश्यकता शहर के एक चिकित्सक को है, जो डेडिकेट कोविड अस्पताल में भर्ती है। उसके बाद एक के बाद एक शहर के प्रमुख चिकित्सकों के फोन आए और प्लाज्मा उपलब्ध कराने की मार्मिक अपील की। उसके बाद गुप्ता ने अपनी टीम के साथी वद्र्धमान जैन, मनोज जैन, नीतिन मेहता, प्रतीक अग्रवाल व मोहित दाधीच के साथ प्रयास शुरू किए और अथक प्रयास से प्लाज्मा उपलब्ध कराया। टीम के प्रयासों से पहले एक युवक का प्लाज्मा लेने के लिए उसे बजरंगनगर से एम बी एस ब्लड बैंक लाए। उसके सभी टेस्ट कराए गए उसके बाद पता चला की वह प्लाज्मा डोनेट नहीं कर सकता। उसके बाद अन्य क्षेत्र के एक युवक को ढूंढ़ कर अस्पताल लेकर पहुंचे तो जांच में पता चला की इसके प्लेटलेटस काउंट कम हैं। टीम का हौंसला यहीं नहीं थमा।
उसके बाद एक व्यक्ति के घर गए तो परिवारजनों ने मिलने से मना कर दिया। उस व्यक्ति ने मोबाइल स्वीच ऑफ कर दिया। उसके बाद भी प्रयास जारी रहे और उम्मीद की किरण दिखाई दी और रामपुरा में एक व्यक्ति ओ पॉजिटिव प्लाज्मा देने को तैयार हो गए, 59 वर्षीय राजेन्द्र कंजोलिया स्वयं कोरोना को मात देकर आए थे। उसके बाद रात 10 बजे वह एमबीएस के ब्लड बैंक पहुंचे और प्लाज्मा डोनेशन के लिए टेस्ट कराए। रात करीब 11.30 बजे उन्होंने प्लाज्मा डोनेशन किया जिसे चिकित्सकों ने रात करीब 1.30 बजे मरीज को चढ़ा दिया। इस कार्य में डॉ मनोज सलूजा, डॉ नीलेश जैन, डॉ. एन के गुप्ता, डॉ जसवंत सिंह, डॉ अक्षत गुप्ता, डॉ सत्येन्द्र अग्रवाल, डॉ अरविंद गुप्ता का पूर्ण सहयोग रहा।