चीन एआइ तकनीक से कर रहा है उइगर मुसलमानों की निगरानी

|

Published: 20 Apr 2021, 12:55 AM IST

चीन में उइगरों के लिए कैंप बनाए गए हैं, जिसे ड्रेगन अब तक छिपाता रहा। जब इसके सबूत सामने आए तो बताया कि ये कैंप उइगरों को नौकरी के लिए प्रशिक्षित देने के लिए बनाए गए हैं।

चीन में एक करोड़ से अधिक उइगर मुसलमानों (Uyghur Muslims) पर अब निगरानी के लिए उच्च तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका कई देशों में विरोध भी हो रहा है। ज्ञातव्य है कि चीन में उइगरों के उत्पीडऩ की खबरें आती रही हैं। अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) के जरिए इनके हर मूवमेंट की निगरानी रखी जा रही है। न्यूलाइंस इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रेटजी एंड पॉलिसी ने अध्ययन में दमन के नए दस्तावेज जारी करते हुए कहा है कि शिविरों में महिलाओं का जबरन गर्भपात और पुरुषों की नसबंदी तक करवाई जा रही है। एआइ तकनीक का सबसे ज्यादा प्रयोग उइगरों के गृह क्षेत्र शिनजियांग प्रांत में ही देखने को मिल रहा है।

सबकुछ नजर में
चीन के रक्षा मंत्रालय के खुफिया विभाग ने चीन इलेक्ट्रॉनिक्स प्रौद्योगिकी समूह निगम (सीईटीसी) को ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए कहा था, जो इस समुदाय की नौकरी, शौक, उपभोग की आदतें और अन्य सामाजिक व्यवहारों को टै्रक करे। ताकि किसी भी अप्रिय घटना को अंजाम देने से पहले इनका विश्लेषण कर सके। सॉफ्टवेयर के लिए पिछले वर्ष जर्मनी के स्टार्टअप की मदद ली गई।