इस लेखिका ने खोली चीन की पोल, बताया कैसे कब्रिस्तान में बिखरे पड़े थे मृतकों के मोबाइल

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Updated: 04 Jul 2020, 11:44 PM IST

-सोशल मीडिया के जरिए वुहान में लॉकडाउन के दौरान आंखों देखा हाल बयां किया

-फैंग फैंग की नई पुस्तक ‘वुहान डायरी’ (Fang Fang's new book 'Wuhan Diary')

 

1980 के दशक में चीन ने जब से बाहरी दुनिया के लिए दरवाजे खोले तो अमरीका और दूसरे देश अचरज भरी दृष्टि से देखने लगे। लगता था साम्यवादी देश, लोकतंत्र की राह चल पड़ा है। लेकिन 1989 में बीजिंग में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की घटना ने इस भ्रम को जल्दी दूर कर दिया। 2012 में शी जिनपिंग के आने के बाद मुक्त व्यापार और प्रेस की आजादी के साथ ही राजनीतिक परिवर्तन का अनुमान लगाया जाने लगा था। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। वुहान से निकले कोरोनावायरस के बाद तो अमरीका भी खुलकर चीन की मुखालफत पर उतर आया। अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इसे ‘कॉन्सपिरेसी थ्योरी’ अर्थात साजिश तक ठहरा दिया।

हैरिस और प्यू रिसर्च सेंटर और हैरिस के एक सर्वे में महामारी के बाद ज्यादातर अमरीकियों ने चीन के प्रति नकारात्मक भाव प्रकट किए। चीन में वायरस से निपटने के विवाद के बीच फैंग फैंग की नई पुस्तक ‘वुहान डायरी’ वास्तविकता के करीब ले जाती है। इसमें 65 वर्षीय लेखिका फैंग फैंग ने जनवरी से मार्च तक जो कुछ वुहान में देखा, उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा और बाहर भेज दिया। फैंग फैंग ने अस्पतालों में मरीजों की दुर्दशा, परिजनों की जुदाई में तड़पकर जान देते रोगी और कब्रिस्तान में फैले मातम का दर्दनाक उल्लेख किया है। जब दुनिया कोरोना के सच से अनजान थी, तब लेखिका ने डायरी के माध्यम से दुनिया को बता दिया था कि यह बीमारी संक्रामक है। वे बताती हैं कि उनके एक दोस्त ने एक कब्रिस्तान की फोटो भेजी, जो दर्दनाक और चौंकाने वाली थी। कब्रिस्तान में मृतकों के मोबाइल फर्श पर बिखरे पड़े थे। शव ले जाने वाले वाहन भी बार-बार चक्कर लगा रहा था। कुल मिलाकर यह पुस्तक चीन प्रशासन के निर्दय चेहरे से पर्दा उठाती है। चीन में फैंग फैंग को राष्ट्रविरोधी बताकर विरोध भी हुआ।

डायरी में ऐसे खोली पोल
वुहान में कोरोना को फैलने से रोकने के लिए काफी सख्त कदम उठाए गए थे, ऐसे में उन्होंने यहां के नागरिकों के डर, गुस्से और आशंका के बारे में लिखा। इसके साथ ही उन्होंने वुहान में मरीजों की दुर्दशा, संक्रमित लोगों से भरे हुए अस्पताल, मास्क की कमी और अपनों की मौत का भी जिक्र किया। उन्होंने डायरी में लिखा, उन्हें उनके डॉक्टर दोस्त ने बताया, सभी डॉक्टरों को पता था कि वायरस इंसान से इंसान में ट्रांसमिट हो रहा है। इस बारे में अधिकारियों को भी बताया गया। लेकिन अफसरों ने जनता से यह सब छिपा कर रखा।

लेखिका को मिल रही हैं धमकियां
फैंग फैंग ने अपनी बात रखने के लिए ऑनलाइन डॉयरी का इस्तेमाल किया। कोरोना को लेकर अमेरिका चीन पर गंभीर आरोप लगा रहा है। साथ ही दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस के लिए चीन को जिम्मेदार ठहरा रहा है। ऐसे में कुछ सोशल मीडिया यूजर्स इस डायरी को लेकर लेखिका की आलोचना कर रहे हैं।