डॉक्टरों की लापरवाही में मरीज की मौत

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Published: 26 Aug 2017, 11:50 AM IST

चार दिनों तक मरीज को देखने नहीं पहुंचा अमला
चिकित्सक और स्टाफ दे रहे विरोधाभाषी बयान

Patients death in doctors negligence

डिंडोरी. जिला चिकित्सालय की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है यहां अनदेखी का आलम यह है कि अस्पताल प्रबंधन को यहां भर्ती मरीज की ही स्पष्ट जानकारी नहीं है स्टाफ नर्स और चिकित्सक दोनों मरीज के मरणोपरांत विरोधाभाषी बयान दे रहे हैं दरअसल पूरा मामला एक अज्ञात मरीज की मौत को लेकर सामने आया जिला चिकित्सालय में 19 अगस्त को गाडासरई प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से रिफर कर भेजा गया था जिसके बाद आकस्मिक चिकित्सा कक्ष में लाकर भर्ती किया गया लेकिन गुरूवार को उक्त अज्ञात मरीज की मौत हो गई।
मरीज को आकस्मिक चिकित्सा कक्ष में स्टाफ मीनूबाला, प्रेमलता कुलेष, सुषमा घोरमारे और वार्डब्वाय दीपक घोरमारे द्वारा 19 अगस्त को उपचारित किया गया और मरीज को भर्ती कर मेल वार्ड के लिये भेजा गया लेकिन मरीज की हालत ऐसी थी कि अन्य मरीजों को परेशानी होती लिहाजा उसे पेइंग वार्ड में भर्ती कर उपचारित किया जाने लगा लेकिन वार्ड द्वारा अगले ही दिन 20 अगस्त को मरीज की फाइल बंद कर दी गई यानि इस दिन के बाद किसी तरह का उपचार मरीज को नहीं दिया गया। गुरूवार 24 अगस्त को पेइंग वार्ड में मरीज की मौत हो गई और शुक्रवार को गैर जिम्मेदाराना तरीके से वार्ड स्टाफ द्वारा बिना मृत्यु घोषित किये फाइल वापिस आकस्मिक चिकित्सा कक्ष भेज दी गई। पूरे मामले पर अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही स्पष्ट उजागर होती है चिकित्सक डॉ. मुकेश मरावी ने पुलिस को दिये बयान में उल्लेखित किया कि उक्त मरीज का उपचार दिनांक 19 अगस्त से 24 अगस्त तक निरंतर किया जाता रहा वहीं स्टाफ नर्स कीर्ति ने अपने बयान में बताया कि दिनंाक 19 अगस्त को अज्ञात मरीज को भर्ती किया गया लेकिन 20 अगस्त को वह वार्ड में नहीं मिला तो उसकी फाइल बंद कर दी गई और गुरूवार को जानकारी लगी कि पेइंग वार्ड में उसकी मौत हो गई।
कुल मिलाकर एक बात तो स्पष्ट हो गई कि अज्ञात मरीज की मौत उपचार न मिलने के कारण हुई है मरीज को जिस दिन जिला चिकित्सालय लाया गया था उसी दिन उपचार किया गया इसके बाद मरीज की हालत देखने के लिये कोई नहीं पहुंचा जबकि वार्ड में पदस्थ अमले की जिम्मेदारी थी कि अगर उन्होंने किसी मरीज को पेईंग वार्ड में शिफ्ट किया है तो उसकी देखरेख लगातार करते लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।