किसान का 99955 रुपए कर्ज बकाया, प्रबंधक ने पकड़ा दिया डेढ़ लाख की रशीद

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Published: 08 Jul 2021, 09:40 AM IST

किसान ने की शिकायत तो बोला एडवांस खाते में डाला दिया हूं शेष राशि, किसान ने जताया आक्रोश

सिवनी/मोहगांव. सेवा सहकारी समितियों से किसानों द्वारा एक कर्ज लिए जाने के बाद दूसरा कर्ज और खाद-बीज नहीं मिलता है, लेकिन वृहतकार सहकारी समिति मर्या. सीलादेही ने कुछ अलग ही कारनामा कर दिया है। उसने एक किसान द्वारा एक लाख २४ हजार रुपए लिए गए कर्ज के बाद 24 हजार एक सौ रुपए जमा करने पर बकाया एक लाख 50 हजार रुपए की रशीद पकड़ा दी है। किसान ने जब बकाया एक लाख 50 हजार रुपए की रशीद देखा तो उसके होश उड़ गए। उसने इसकी शिकायत किया तो प्रबंधक ने कहा कि तुम्हारे एडवांस खाते में शेष राशि डाल दी गई है।
सिवनी विकासखंड के ग्राम खैरीटेक निवासी किसान दिलीप सनोडिया ने बताया कि मैं अपनी पत्नी खेमकली के नाम से वर्ष 2020 में लोन लिया। वह लोन की राशि एक लाख 24 हजार 55 रुपए हो गई। मैंने बीते दिवस 24 हजार एक सौ रुपए जमा किया। इसके बाद जब रशीद लेने मंगलवार को पहुंचा तो प्रबंधक रामकुमार सनोडिया ने डेढ़ लाख रुपए की रशीद पकड़ा दिया। मैंने उससे पूछा कि यह मेरे कर्ज की राशि नहीं है तो उसने बताया कि शेष राशि एडवांस खाते में डाल दिया हूं। बताया कि मेरे खाते पर नया कर्ज कर बिना मेरी पत्नी की सहमति से बढ़ा दिया गया है। बताया कि मेरा कर्ज केवल करीब ९९ हजार ९५५ रुपए बचे हैं। ऐसा कर प्रबंधक ने गड़बड़ी की है। किसान ने इस संबंध में प्रशासक को भी काल कर अवगत कराया। इस पर प्रशासक सुरेंद्र बघेल ने प्रबंधक को कड़ी फटकार लगाई। उसने कहा कि बिना किसान की सहमति के क्यों कर्ज बढ़ाया है। उधर इस संबंध में प्रबंधक रामकुमार सनोडिया ने बताया कि मैंने पुराने को नया किया हूं। इसलिए कर्ज अधिक बता रहा है। किसान की सहमति और खाते में चढ़ाने के संबंध में पूछे जाने पर प्रबंधक ने कोई जवाब नहीं दिया। इस संबंध में सहकारिता बैंक के अधीक्षक तुलसी बघेल ने बताया कि पुराना कर्ज होने पर नया कर्ज नहीं दिया जाना है। प्रबंधक ने कैसे नया कर्ज दिया है। यह जांच का विषय है।

वर्जन -
किसान का 1.24 लाख का कर्ज था। उसने डेढ़ लाख रुपए रेवेन्यू किया है। ऐसा करने से पूर्व उसने किसान से सहमति नहीं ली है। इसकी जांच कराएंगे। आरोप सही साबित हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेंद्र बघेल, प्रशासक वृहतकार सहकारी समिति मर्या. सीलादेही।