1400 किमी पैदल चलेगा संतों का यह दल 

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Published: 24 May 2017, 07:56 PM IST

पैदल यात्रा करते हुए सीहोर पहुंचा दल, जैन संतों के मंगल प्रवेश पर शहर में हुई भव्य आगवानी, काफिले में 60 से अधिक संत शामिल।
सीहोर। बिहार से इंदौर के लिए चौमासे पर 1400 किमी की पैदल यात्रा पर निकला है जैन संतों का काफिला बुधवार को सीहोर पहुंचा। आचार्य श्रीकीर्ति यश सूरीश्वर महाराज   के सानिध्य में 25 साधु व 35 साध्वी भगवत का मंगल प्रवेश पर जैन स्वागत में आगवानी की होड़ लगी रही।
आचार्य श्रीकीर्ति यश सूरीश्वर महाराज के सानिध्य में 60 साधु साध्वियों का मंगल प्रवेश सीहोर में हुआ। इस दौरान जैन शेवताम्बर समाज मे बाजे-गाजे के साथ आचार्य श्रीजी की आगवानी की। आचार्य श्रीजी ने प्रवचन के दौरान जैन समाज को संबोधित करते हुए कहा कि इंसान को अपने शरीर के साथ अपनी आत्मा की भी शुद्धि करनी चाहिए। आत्मा शुद्ध कैसे बने इसके लिए आचार्य श्रीजी ने जैन कथाओं का उद्धरण दिया। उन्होंने कहा कि हम घर और आसपास की सफाई की बात तो कर लेते हैं, लेकिन आत्मा और मन की सफाई कैसे होगी, इस पर हमारा ध्यान कम ही जाता है। आत्मा और मन की सफाई के लिए ज्ञान स्नान की जरूरत है। बिना ज्ञान स्नान के कभी भी आत्मा और मन की सफाई नहीं हो सकती है। ज्ञान स्नान का मतलब केवल वेद, ग्रंथ, धार्मिक और आध्यात्मिक पुस्तकों का पढ़ लेना नहीं है, बल्कि उसे जीवन में अभ्यास कर उतारने की जरूरत है। हर वक्त अपने मन में संकल्पों पर पहरा देना पड़ेगा, ज्ञान रूपी झाड़ू लगा कर सफाई करनी पड़ेगी, तब जा कर इसकी धीरे-धीरे सफाई होने लगेगी. जैसे-जैसे मन की सफाई होगी, आत्मा में निखार आएगा और मन स्वस्थ, खुश और शक्तिशाली होता जाएगा। इस अवसर पर समाज के दिलीप शाह, राजेश गोलेछा,जयंत शाह, गौतम शाह, निलेश श्रीश्री माल, सुरेन्द्र गांधी, पिंटू गोलेछा सहित अन्य समाज के लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सीहोर में पूरी हुई 1250 किमी की यात्राजैन संतों और साध्वियों की यात्रा संघ समेत शिखर (बिहार) से 68 दिन पहले प्रारम्भ हुआ था, जो विभिन शहरों से होता हुआ इंदौर में समाप्त होगा। इस दौरान संघ 1400 किलोमीटर की पैदल यात्रा 80 दिनों में तय करेगा। सीहोर पहुंचने पर जैन संतों की करीब 1250 किमी की यात्रा पूरी हो चुकी है। 25 मई गुरुवार की सुबह कस्बा मंदिर के दशज़्न के बाद संघ आष्टा की ओर रवाना हो जाएगा।