नसरुल्लागंज तहसीलदार की किसान को धमकी, तहसील में दिखा तो गोली मार दूंगा

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Updated: 31 Jul 2021, 05:06 PM IST

पीडि़त किसान ने एसडीओपी को दिया आवेदन, थाना प्रभारी को जांच के आदेश

सीहोर. 25 डिसमिल जमीन का नामांतरण कर नक्शा रेकॉर्ड में दर्ज करने की शिकायत कलेक्टर से करने वाले किसान को नसरुल्लागंज तहसीलदार लाखन सिंह चौधरी ने तहसील कार्यालय बुलाकर गोली मारने की धमकी दी है। तहसीलदार ने किसान को धमकी दी है कि वह तहसील कार्यालय में दिखा तो गोली मार देंगे। पीडि़त किसान रामोतार प्रजापति तहसीलदार की धमकी से सदमे में है। किसान पहले तहसीलदार की शिकायत लेकर नसरुल्लागंज थाने पहुंचा, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद शुक्रवार को नसरुल्लागंज एसडीओपी प्रकाश मिश्रा को आवेदन दिया गया, जिसकी जांच एसडीओपी मिश्रा ने थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर को दी है।

जानकारी के अनुसार 29 जुलाई को कलेक्टर चन्द्र मोहन ठाकुर नसरुल्लगंज दौरे पर गए थे। यहां किसान यहां पंचोर के किसान रामोतार प्रजापति पुत्र हरी प्रसाद प्रजापति ने कलेक्टर ठाकुर से अनुरोध किया कि उनकी जमीन का नामांतरण होने के बाद नक्शा रेकॉर्ड में दर्ज होना है। तहसीलदार को किसान की यह बात खल गई। पीडि़त ने बताया कि कलेक्टर के जाने के बाद तहसीलदार लाखन सिंह चौधरी ने उन्हें कार्यालय बुलाया और धमकी देते हुए कहा कि अगर अब तुम तहसील में दिखे तो गोली मार दूंगा। तहसीलदार की धमकी से किसान डर गया और सीधे नसरुल्लागंज थाने पहुंचा, यहां टीआई कंचन सिंह ने आवेदन तो लिया, लेकिन फटकार कर भगा दिया। इसके बाद पीडि़त किसान अपने कुछ परिचित के साथ नसरुल्लागंज एसडीओपी प्रकाश मिश्रा के पास पहुंचा, एसडीओपी को आवेदन देकर तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए आवेदन दिया। एसडीओपी मिश्रा ने बताया कि किसान के आवेदन को जांच में लिया गया है। नसरुल्लागंज थाना प्रभारी को जांच दी गई है। पुलिस जांच के बाद कार्रवाई करेगी।
वर्जन....
- यह व्यक्ति कलेक्टर महोदय के समक्ष जोर-जोर से बात कर रहा था, मैंने उसी समय उसे समझाया कि तुम इस तरीके से बात नहीं करोगे। तकनीकी कारण के चलते उसका काम अटका हुआ है, जिसका प्रकरण नायब तहसीलदार के यहां लंबित है, जो आरोप लगाए हैं, वह निराधार हैं।
लाखन सिंह चौधरी, तहसीलदार नसरुल्लागंज