कोरोना काल में हुई थी मौतें, अब तक अस्थियां कर रही हैं विसर्जन का इंतजार, कैसे मिलेगा मौक्ष?

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Published: 20 Sep 2021, 10:09 PM IST

मुक्तिधाम में लावारिस हालत में पड़ी हैं 350 से ज्यादा अस्थियां, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन्हें मुक्ति कैसे मिलेगी?

सीहोर. कोरोना ने अपना कहर मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि देश-दुनिया में बरपाया था। इस संक्रमण की चपेट में आकर लाखों लोगों ने अपनी जान गवाई थी। संक्रमण का शिकार होकर जान गवाने वालों का अंतिम संस्कार करना भी प्रशासन और परिजन के लिये बड़ी मुसीबत बन गया था। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में सामने आया, जहां प्रशासन या परिजन ने जैसे-तैसे अंतिम संस्कार तो कर दिया, पर कई लोगों का हिन्दू मान्यताओं के अनुसार अंतिम संस्कार करने के बाद पिंड दान या अस्थि विसर्जन नहीं हो पाया है।


यहां लोगों ने कोरोना के खौफ के बीच जैसे तेसे अपने मृतकों का अंतिम संस्कार तो कर दिया, पर अस्थियां लेने आज तक नहीं आए हैं। ऐसी स्थिति में कोविड के चलते अपनी जान गवाने वाले ऐसे 350 से अधिक मृत लोगों की अस्थियां शहर के मुक्तिधाम में लावारिस अवस्था में पड़ी हैं। कुछ लोगो ने अपने परिजन की अस्थियों का संचय तो किया, लेकिन उसके बाद उन अस्थियों को मुक्तिधाम के लॉकर में या मुक्तिधाम के पेड़ों पर ही लटकाकर चले गए।

 

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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उठ रहे हैं ये सवाल

करीब 2 वर्षों से चले आ रहे कोरोना के कहर के दौरान जान गवाने वालों की अस्थियों को मुक्तिधाम के कर्मी घनश्याम चौहान ने एक जगह इकट्ठा कर दिया है। मुक्ति धाम में 350 से अधिक लोगो की अस्थियां ढेर के रूप में लावारिस हालात में पड़ी हुई हैं। कोरोना के भय से या अन्य किसी कारण से भले ही इन मृत लोगों की अस्थियों का विसर्जन मान्यताओं के अनुसार नहीं हुआ है। हालांकि, सवाल ये है कि, हिंदू मान्यताओं के अनुसार, जब तक इनका पिंड दान या अस्थि विसर्जन नहीं होगा इन मृतकों को मोक्ष प्रप्ति या मुक्ति कैसे मिलेगी?

 

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