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युवक ने नाबालिग को प्यार का झांसा देकर की ज्यादती, न्यायाधीश ने दी ये सजा

By Sunil Sharma

Sep, 12 2018 01:08:10 (IST)

युवक ने नाबालिग को प्यार का झांसा देकर की ज्यादती, न्यायाधीश ने दी ये सजा

सीहोर। कोई भी व्यक्ति जिसने अपराध किया है, वह कानून से बच नहीं सकता है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश नवीन कुमार शर्मा ने लैंगिक अपराधों से बालकों का सरंक्षण अधिनियम में आरोपी युवक को आजीवन कारावास जो उसके शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास की सजा सुनाते हुए अपने फैसले में टिप्पणी करते हुए लेख किया कि दंड का आशय केवल आरोपी को दंडित किया जाना नहीं है, बल्कि समाज में एक ऐसा संदेश जाना चाहिए।

द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ने नाबालिग का अपहरण और ज्यादती के आरोप में नीमपुरा तहसील इछावर निवासी सोहन वर्मा उर्फ सोनू पिता रामचरण वर्मा को लैंगिक अपराधों से बालकों का सरंक्षण अधिनियम के आजीवन कारावास एवं 5000 अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके साथ ही धारा ३६६ भादवि में ०७ साल का सश्रम कारावास एवं दो हजार रुपए का अर्थदंड, धारा 363 भादवि में पांच साल का सश्रम कारावास और एक हजार रुपए अर्थदंड, धारा 343 भादवि में दो साल का सश्रम कारावास और एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।

जिला अभियोजन अधिकारी निर्मला चौधरी ने मामले में पैरवी करते हुए कोर्ट को बताया था कि 12 जुलाई 17 को एक नाबालिग बालिका अपने घर से गायब हो गई थी। बालिका की आसपास तलाश करने पर परिजनों को पता चला कि उसका अपहरण नीमपुरा तहसील इछावर निवासी सोहन वर्मा उर्फ सोनू पिता रामचरण वर्मा ने किया है। आरोपी बालिका के पिता के चार पहिया वाहन का चालक भी था। परिजनों ने इस मामले में थाना इछावर में प्रकरण दर्ज कराया था।

पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की तो पाया गया कि अभियुक्त सोनू वर्मा 12 जुलाई 17 को उसके घर आया था और बालिका को प्यार का झांसा देकर फरार हो गया था। मामले में पुलिस ने आरोपी सोनू वर्मा को बड़ौदा से गिरफ्तार कर बालिका को बरामद कर लिया था। इस दौरान बालिका ने अपने कथन में कहा था कि अभियुक्त सोनू वर्मा उसे बलपूर्वक अपने साथ सीहोर ले गया वहां से इंदौर और फिर वहां से ट्रेन में बैठाकर गुजरात ले गया जहां बड़ौदा में एक झुग्गी में उसके साथ लगातार दुष्कर्म करता रहा। मामले को जांचोपरांत चालान न्यायालय द्वितीय सत्र न्यायाधीश नवीन कुमार शर्मा के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।