एमपी के इस जिले में प्याज ने निकाले किसानों की आंख से आंसू

|

Published: 07 Sep 2021, 11:00 AM IST

किसान बोले हर तरफ सिर्फ बर्बादी ही बर्बादी

प्याज

सीहोर. रसोई में आंसू निकालने वाली प्याज के गिरते भावों ने इस समय अन्नदाता की आंख से आंसू छलका दिए हैं। हर दिन डाउन होते भाव और दूसरा बारिश के चलते खराब होने के कारण किसान अब कम भाव में ही मंडियों में प्याज को बेचने मजबूर हैं। इससे उनको सिवाय नुकसान के कुछ नहीं मिल रहा है। सीहोर मंडी में ही 30 दिन के अंदर 700 रुपए तक प्याज के भाव नीचे गिरे हैं।

पिछले साल भाव अधिक होने से इस साल किसानों ने जमीन में प्याज को सबसे ज्यादा स्थान दिया था। उद्यानिकी विभाग के अनुसार करीब चार हजार हेक्टयेर से ज्यादा में किसानों ने प्याज लगाई और अप्रेल, मई में खुदाई कर ली थी। तभी से प्याज के भाव कम होने के कारण अधिकांश किसानों ने रोक ली थी। जिसके भाव में बढ़ोतरी होना तो दूर की बात हर दिन गिरते जा रहे हैं। सोमवार को सीहोर लहसुन-प्याज मंडी में 1860 क्विंटल प्याज की आवक हुई। इसमें न्यूनतम 250 और अधिकतम 1350 रुपए प्रति क्विंटल के भाव बिका। बताया जा रहा है कि एक महीने के अंदर यह सबसे निचला स्तर का भाव है।
यह मान रहे हैं भाव का कारण
इस साल किसानों को प्याज का रेकार्ड तोड़ उत्पादन हुआ है। बताया जा रहा है कि अभी तक 35 प्रतिशत किसानों ने ही प्याज को बेचा है, जबकि 65 प्रतिशत ने भंडारित कर के रखा है। व्यापारियों के अनुसार एक तो मंडी में प्याज की अच्छी आवक और दूसरा इसकी खपत कम होने के कारण ही भाव अटक गया है। हालांकि अब प्याज के भाव बढ़ेंगे या नहीं उसका कहना इसलिए भी मुश्किल है कि कई किसानों ने बारिश में नासिक प्याज लगाई है। यह प्याज दो महीने में तैयार होते ही मंडियों में आना शुरू हो जाएगी।
खराब हो रही है प्याज
बारिश का मौसम चलने से रखी हुई प्याज ही खराब हो रही है। जिसकी किसानों ने खुद और मजदूरों से तीन से चार बार छटनी कराई है। किसानों ने बताया कि प्याज फसल पर काफी रुपए खर्च किए हैं और अब भाव दगा दे गया है। जिससे नुकसान के अलावा कुछ नहीं मिलेगा। किसानों का कहना है कि सोयाबीन फसल पहले ही बर्बाद हो गई है और जितनी प्याज रखी है उससे उम्मीद थी कि आगामी रबी फसल की बोवनी सहित अन्य काम हो जाएगा, लेकिन अब संभव नहीं है। किसानों ने बताया कि सरकार को जल्द ही भाव बढ़ाने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
वर्जन...
मार्केट में प्याज की डिमांड कम हो गई है उसी वजह से इसके भाव कम हो रहे हैं। अगले महीनों में नया प्याज भी मंडी में आना शुरू हो जाएगा, उसके चलते अब भाव बढऩा मुश्किल है।
शादाब राहिन, अध्यक्ष लहसुन-प्याज व्यापारी एसोएिसशन सीहोर