यहां जमीन में धंसते हैं वाहन, निकालने के लिए लोगों को साथ में लेकर चलना पड़ता है गेती और फावड़ा

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Published: 23 Jun 2021, 10:56 AM IST

एमपी के सीहोर जिले में जाने क्यों करना पड़ रहा है लोगों को ऐसा

सड़क

सीहोर से अनिल कुमार की रिपोट...
सीहोर. जमीन में धंसते वाहन और उनको निकालने के लिए साथ में लोग लेकर चलते गेती, फावड़ा चौकाने वाली बात है न...जी हां यह बिलकुल सत्य है। इसकी हकीकत सीहोर जिला मुख्यालय से 65 किमी दूर खाचरोद से शुरू हुई धुराड़ा कलां पर देखी जा सकती है। जर्जर सड़क की हालत इतनी बेकार है कि अब जमीन के अंदर वाहनों के पहिए धंसने लगे हैं। जिनको निकालना लोगों के लिए चुनौतीभरा साबित हो रहा है। इस वजह से वह अब साथ में गेती, फावड़ा लेकर ही चलने लगे हैं, जिससे कि वाहन फंसा तो जैसे तैसे निकाल सकें।

इस सड़क को लेकर ग्रामीण खाचरोद में धरना दे रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई है। कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने सड़क बनाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे लोगों को समर्थन दिया। कांग्रेस नेता गोपालसिंह, हरपाल ठाकुर, जगदीश चौहान, घनश्याम जांगड़ा सहित अन्य ने धरना स्थल पर पहुंचकर जमकर प्रदेश सरकार पर हमला बोला। वही कहा कि एक तरफ सरकार विकास का ढिंढोरा पीट रही है, वही दूसरी तरफ लोगों की समस्या दूर नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन करने जैसा कदम उठाना पड़ रहा है। यह कथनी और करनी में अंतर बतलाता है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जल्द ग्रामीणों की सुनवाई नहीं हुई तो उनको भी बड़ा कदम उठाना पड़ेगा।

दो, पांच से आया 22 जून
स्वीकृति और भूमिपूजन के बाद दो जून 2021 से काम चालू करने का ढिंढोरा पीटा जा रहा था। यह तारीख निकली तो पांच जून फिर बढ़ाकर 10 जून कर दी, लेकिन आज तक धरातल पर काम उतर नहीं पाया है। इससे लोगों की मुश्किल बढ़ती जा रही है। सड़क पर कीचड़ की स्थिति बनने से अब लोगों को दो पहिया और बड़े वाहन निकालना एक चुनौती भरा साबित हो रहा है। बड़े वाहनों के कीचड़ के चलते जमीन के अंदर पहिए धंसने लगे हैं। जिससे अब पलटने से हादसा होने की संभावना बन गई है।

गड्ढों में करेंगे पौधरोपण
10 जून से शुरू हुए धरने मेें अब तक ग्रामीणों ने यज्ञ, हवन सहित अन्य उपाय कर के देख लिया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उखड़ी सड़क केे गड्ढों में जल्द ही पौधरोपण कर शासन, प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराने का प्लान है। बताया जा रहा है कि दो से तीन दिन के अंदर यह काम किया जाएगा। इसके अलावा चक्काजाम करने की रणनीति तैयार की जा रही है।