रिश्वत मांगना पड़ा महंगा, ASI और आरक्षक पर गिरी गाज

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Updated: 25 Aug 2021, 08:51 PM IST

झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर खाकी का रौब दिखाते हुए एएसआई नवतेस सिंह और आरक्षक संजय राजपूत ने मांगी थी रिश्वत...

सीहोर. सीहोर जिले के नसरुल्लागंज थाने में पदस्थ एक एएसआई और एक आरक्षक को रिश्वत मांगने के आरोप में तत्काल निलंबित कर दिया गया है। दोनों को निलंबित कर आरक्षित केंद्र सीहोर पहुंचाया गया है मामले की जानकारी देते हुए एसडीओपी प्रकाश मिश्रा ने बताया कि राजेश जयसवाल पिता घासीराम जयसवाल निवासी वार्ड क्रमांक 1 सुभाष कॉलोनी ने एएसआई नवतेस सिंह राजपूत एवं पुलिस आरक्षक संजय राजपूत पर रिश्वत मांगे जाने का आरोप लगाया था इसकी प्रथम दृष्टया जांच में दोनों ही कर्मचारी दोषी पाए गए जिन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

ये है मामला
राजेश जायसवाल पिता घासीराम जायसवाल ने बताया कि वो सुभाष कॉलोनी में निवास करते हैं और मिलन गार्डन रोड पर अंडे बेचने एवं कबाड़ खरीदने का काम करते हैं। 6 जुलाई 2021 को वो कबाड़ बेचने भोपाल गए थे जहां से 9 जुलाई को वापस लौटे। इस बीच बिजला निवासी संदीप पिता अर्जुन सिंह भाटी के ट्रक की दो बैट्री चोरी हो गईं। एएसआई नवतेस सिंह राजपूत एवं संजय राजपूत मेरे पास आए और मुझ पर दबाव बनाते हुए कहा कि बैटरी चोरी तुमने की हैं और मुझसे रिश्वत मांगी। फरियादी राजेश जायसवाल ने आगे बताया कि कुछ महीने पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मरचूरी भवन में एक लाश मिली थी उसमें दो आरोपी पकड़ाए हैं जो जेल में बंद है। उस दौरान इस प्रकरण में पुलिस द्वारा जांच के दौरान उनसे भी पूछताछ की गई और उन्हें 2 दिन तक थाने में रखा गया और रिश्वत की मांग की गई। रिश्वत नहीं दिए जाने पर एएसआई नवतेस सिंह राजपूत ने बैटरी चोरी के प्रकरण में जबरदस्ती फंसाने का प्रयास किया गया। जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों से की थी और इसी मामले में एसडीओपी प्रकाश मिश्रा ने फरियादी के आवेदन पर जांच करते हुए प्रतिवेदन एसपी को सौंपा इस पर कार्यवाही करते हुए एसपीएस चौहान ने दोनों ही कर्मचारियों एएसआई व आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया।

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एक और मामले की हो रही है जांच
एएसआई नवतेज सिंह राजपूत पर 50000 रिश्वत मांगे जाने के एक और आरोप की जांच चल रही है। इस मामले में रामभरोस भगोरिया नामक व्यक्ति ने एसडीओपी को आवेदन सौंपा है जिसमें बताया गया है कि थाने में पदस्थ एएसआई नवतेस सिंह राजपूत ने उनके बेटे राहुल भुरिया से 50000 रुपए की रिश्वत मांग की। इतना ही नहीं रिश्वत नहीं देने पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जाने का दबाव बनाया जिससे परेशान होकर उनके बेटे ने कुछ दिन पहले जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। हालांकि उसकी जान बचा ली गई लेकिन बेटे ने जब पूरी बात पिता को बताई तो उन्होंने इंसाफ की गुहार लगाते हुए एसडीओपी कार्यालय पहुंचकर आवेदन दिया। इस मामले की जांच अभी की जा रही है।

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