नए जीन-हैकिंग इंजेक्शन से वैज्ञानिक हमारे दिमाग की कोशिकाओं को कर सकेंगे रिडिजाइन

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Published: 11 Oct 2020, 06:41 PM IST

इस नए उपकरण से वैज्ञानिक हमारे दिमाग की किसी भी विशिष्ट कोशिका को संपादित कर सकते हैं।

वैज्ञानिकों ने दुनिया का पहला जीन-एडिटिंग टूल (Gene Editing Tool) विकसित कर लिया है। यह हमारे दिमाग के किसी भी खास हिस्से, अंग या कोशिकाओं को लक्षित (Target) कर सकता है जिन्हें चिकित्सा विशेषज्ञ एडिट करना (ठीक करना) चाहते हैं। टफ्ट्स विश्वविद्यालय (Tufts Univversity) के बायोमेडिकल इंजीनियरों ने इस नए इंजेक्शन को प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) में कोशिकाओं को रिडिजाइन करने और शरीर के खास अंगों जैसे यकृत और मस्तिष्क की रक्षा करने वाले ब्लड-ब्रेन (Blood Brain) हिस्से से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए डिजाइन किया है। इस नए उपकरण से वैज्ञानिक हमारे दिमाग की किसी भी विशिष्ट कोशिका को संपादित कर सकते हैं। शोध के नतीजे जर्मन पत्रिका अप्लाइड रसायन विज्ञान (journal Angewandte Chemie International Edition) में प्रकाशित हुए हैं।

ऐसे काम करती है यह तकनीक
शोध के अनुसार, दिमाग की कोशिकाओं और शरीर के प्रमुख अंगों का आनुवांशिक उपचार (genetic treatments) करने का यह आसान तरीका हो सकता है क्योंकि इसे सीधे रक्तप्रवाह (Blood Stream) में इंजेक्ट किया जाता है। इस तकनीक का पहली बार प्रयोगशाला के चूहों पर परीक्षण किया गया था। यह उपकरण मानव शरीर पर कैसे काम करेगा, अब इस पर परीक्षण किया जा रहा है। अध्ययन के प्रमुख लेखक किओबिंग जू (Qiaobing Xu) का कहना है कि हमने जीन एडिटिंग सहित सभी संभावित चिकित्सा विज्ञानों की एक विस्तृत श्रृंखला को ध्यान में रखते हुए इस तकनीक को विकसित किया है।

कैंसर से लड़ने के लिए कोशिका को रिडिजाइन किया
जू और उनकी टीम ने इस तकनीक की मदद से मस्तिष्क कोशिका को ठीक करने, एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति का इलाज करने और कैंसर के एक प्रकार से लडऩे के लिए इम्यून सिस्टम की कोशिका का इलाज करने के लिए कर चुके हैं। यह तकनीक जीन-एडिटिंग में काम आने वाले एंजाइमों को विभिन्न प्रोटीनों को एक साथ लाकर किसी विशिष्ट प्रकार की कोशिका की सतह से चिपके रहने में मदद करता है। यह पूर्व की जीन-हैकिंग तकनीकों में संभव नहीं था।