एटीएस ने धर्मांतरण लिस्ट में नाम डाल बताया मुस्लिम, हिंदू बताने 200 किमी पैदल चलकर जा रहा सुप्रीम कोर्ट

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Published: 29 Jul 2021, 05:53 PM IST

सहारनपुर में धर्मांतरण का एक मामला आया है। जिसमें पुलिस ने युवक को मुस्लिम बता दिया। अब वह इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जा रहा।

सहारनपुर. वह हिंदू है। लेकिन, यूपी एटीएस ने उसका नाम धर्मांतरण की लिस्ट में डाल दिया। उसे मुस्लिम बता दिया गया। आपत्ति जतायी तो जांच के 10 दिन बाद लिस्ट से नाम हटा दिया गया। लेकिन इस बीच समाज में उसकी काफी बदनामी हो गयी। अब मैं हिंदू हूं, नहीं बदला है धर्म, यह साबित करने के लिए वह 200 किमी पैदल चलकर सुप्रीम कोर्ट जा रहा है। ताकि, उसका खोया सम्मान वापस मिल सके।

यह हादसा हुआ सहारनपुर के नागल थाना क्षेत्र के गांव शीतला खेड़ा के प्रवीण कुमार के साथ। जिनका नाम यूपी पुलिस की एटीएस टीम द्वारा तैयार धर्मांतरण लिस्ट में जुड़ गया। आपत्ति जताने पर उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी, लेकिन इसके बाद भी गांव के लोग उन्हें प्रताडि़त कर रहे हैं। उनके साथ अजीब बर्ताव किया जा रहा है। इससे वह परेशान हैं। प्रवीण कुमार का कहना है कि धर्म न बदलने की बात साबित होने के बाद भी उन्हें गद्दार कहा जा रहा है। इसीलिए सच साबित करने के लिए वह सहारनपुर से 200 किमी पैदल चलकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच रहे हैं। प्रवीण दिल्ली पहुंचने के लिए 200 किमी का सफर पैदल तय कर रहे हैं। 11 दिनों में प्रवीण दिल्ली पहुंचेंगे। उनका कहना है कि वह सुप्रीम कोर्ट से अपना नाम धर्मांतरण में क्लियर कराना चाहते हैं।

यह था मामला
सहारनपुर में धर्मांतरण मामले में उमर गौतम और जहांगीर काजी की गिरफ्तारी हुई थी। यहां बरामद की गई धर्मांतरण लिस्ट में प्रवीण का नाम भी सामने आया था। उसमें उनकी फोटो भी लगी थी। एटीएस 23 जून को प्रवीण के घर पहुंची थी। जांच एजेंसी को पता चला था कि प्रवीण इस्लाम कबूल करने के बाद अब्दुल समद बन गए हैं। लेकिन उन्होंने इस बात से साफ इनकार कर दिया था। उनका कहना था उन्होंने कभी धर्म बदला ही नहीं, वह हिंदू हैं।

मोदी-योगी पर लिख चुके हैं पुस्तक
प्रवीण कुमार का कहना है कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पुस्तक भी लिखी है। दोनों पुस्तकों की ऑनलाइन बिक्री हो रही हैं और जिस सूची की बात की जा रही है उसमें प्रवीण की जो फोटो लगी है वह फोटो भी ऑनलाइन बिक रही इन पुस्तक पर लगी फ़ोटो से मैच करती है ऐसे में प्रवीण ने आशंका जताई है कि गलत तरीके से उसके फोटो का इस्तेमाल करके उसे बदनाम करने की कोशिश की गई थी। अब अपने उसी सम्मान को वापस लाने के लिए प्रवीण सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा एंगे और याचिका दायर करेंगे।