समय से दो साल पहले मिल सकेगा हर भारतीय को अपना घर, सरकार ने किया दावा

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Updated: 21 Aug 2019, 08:39 AM IST

  • प्रत्येक भारतीय को अपना घर उपलब्ध कराने के सरकार के लक्ष्य को दो साल पहले यानी 2020 में ही हासिल कर लिया जायेगा।
  • किरायेदारी आवास नीति तैयार करने के मोर्चे पर सरकार के स्तर पर कई काम।

नई दिल्ली। आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि प्रत्येक भारतीय को अपना घर उपलब्ध कराने के सरकार के लक्ष्य को दो साल पहले यानी 2020 में ही हासिल कर लिया जायेगा। केन्द्र सरकार ने इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिये 2022 तक का समय रखा है।

रियल एस्टेट क्षेत्र के उद्योगपतियों के संगठन नेशनल रीयल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) के यहां आयोजित 15वें राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन हरदीप पुरी ने कहा कि मोदी सरकार का 2022 तक प्रत्येक भारतीय को अपना घर उपलब्ध कराने का एक बड़ा मिशन है। "यह सरकार का बहुत महत्वकांक्षी एजेंडा है जिसमें कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन हम अपने इस लक्ष्य को 2022 से दो साल पहले ही हासिल कर लेंगे।"

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इस साल के अंत तक 50 स्मार्ट शहर

पुरी ने कहा कि उनका मंत्रालय सभी को अपना घर तय समय से पहले प्रदान करने के लिए पूरी तरह से कार्यरत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-शासन में शहरी कायाकल्प कार्यक्रमों के लिये 1,50,000 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली थी, जबकि वर्तमान सरकार के दौर में यह आंकड़ा छह गुना बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2019 तक 100 स्मार्ट शहरों में से सरकार 50 स्मार्ट शहरों में इस बदलाव को लागू करने में सक्षम होगी।

पुरी ने किरायेदारी आवास नीति तैयार करने के मोर्चे पर सरकार के स्तर पर हुई प्रगति के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्यों के साथ विचार-विमर्श किया गया है। इस दौरान कुछ चिंताएं व्यक्त की गई हैं, लेकिन इस प्रक्रिया में कई सकारात्मक सुझाव भी सामने आए हैं।

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सफल साबित हुआ रेरा

रियल एस्टेट (नियमन एवं विकास) कानून (रेरा) के बारे में उन्होंने कहा कि "रेरा एक शानदार सफलता रही है, चूंकि यह दो साल पुराना कानून है, इसलिए हमें एक बार में ही सभी समस्याओं के हल की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। हम आगे भी रेरा प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने की प्रक्रिया में हैं। लेकिन, यह प्रसन्नता की बात है कि नियामक को क्षेत्र के सभी हितधारकों ने अच्छी तरह से स्वीकार किया है।"

नारेडको के चेयरमैन राजीव तलवार ने इससे पहले कहा कि सरकार लगातार नए कदम उठा रही है और आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जमीन जायदाद कारोबार भारत को 5,000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में पूरा समर्थन देगा।

नारेडको के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने सस्ते आवास की सरकार की पहलों को समूचे रीयल एस्टेट क्षेत्र के लिये बदलाव वाला कदम बताया और कहा इससे क्षेत्र में गतिविधियां तेज हुई हैं। भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंध निदेशक पी.के. गुप्ता ने भी सम्मेलन में भाग लिया।