Patrika Positive News : कोरोना काल में उठे मदद के हाथ, कोई कोविड मरीजों की कर रहा मदद, कोई बना उनके परिजन का सहारा

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Published: 15 May 2021, 02:02 PM IST

कोरोना काल में शहर के लोग और समाजसेवी संस्थाएं अपने-अपने स्तर पर कोरोना मरीजों और उनके परिजन की मदद के लिये आगे आ रहे हैं।

रतलाम/ मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में संक्रमण की रफ्तार अपने चरम पर है, जिले भर से रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे मरीजों का इलाज कराने आ रहे उनके परिजन बड़ी संख्या में अस्पताल के बाहर धूप और बारिश के मौसम में बेसुध परेशान होते देखे जा सकते थे। जिले के सभी गांवो समेत आसपास के जिलों से भी यहां पहुंच रहे मरीजों और बड़ी संख्या में उनके परिजन के साथ पेश आने वाली समस्याओं को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के बाहर पड़े खाली मैदान में इंनके ठहरने के लिए पांडाल लगाया गया है।

 

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दीपेश पाठक और उनके सहयोगी लोगों को दोनों समय करा रहे निः शुल्क भोजन

बता दें कि, प्रदेशभर के साथ साथ जिले में लगे लॉकडाउन के कारण आसपास के सभी भोजनालय, रेस्टोरेंट और ठहरने के होटल बंद हैं। ऐसे में अधिकतर परिजन के साथ अपने संबंधी के बीमार होने की चिंता के साथ साथ भोजन की भी बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी। को लेकर समाज सेवी दीपेश पाठक और उनके सहयोगियों ने यहां ठहरे मरीजों के परिजन के लिये रोजाना दोनों समय निः शुल्क भोजन की व्यवस्था की है।

 

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रोजान दो समय मिलता है पंडाल में भोजन

दीपेश पाठक के इस सेवा भाव को देखते हुए कुछ ही दिनों में उनके साथ जिले के कई समाज सेवी संगठन भी जुड़ गए। शहर के कई लोग अपने-अपने स्तर पर कोविड मरीज के इलाज और उनके परिजन को सहारा देने में मदद कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के बाहर बने पंडाल में अब रात 8 से 9 बजे के बीच भोजन का समय होता है। इसी बीच भजन गायन भी होता है, ताकि लोगों को मानसिक तौर पर शांति मिल सके।


अपनों के जाने का दर्द मैं जानता हूं, इसलिये भजन गायन कर कम करता हूं लोगों का मानसिक तनाव

आर्ट ऑफ लिविंग के सदस्य गायक कलाकार जितेंद्र चौहान ने यहां परिजनों के तनाव को कम करने के लिए भजन गाना शुरु किया है, गायक कलाकार का कहना है कि, अपने मरीज के लिए चिंता में दिन भर तनाव में रहने वाले मरिजो को कुछ देर भजन गाकर तनाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। गायक कलाकार जितेंद्र चौहान कोरोना में पिछले वर्ष अपनी मां को खो चुके हैं। उनका कहना है कि, इस महामारी में अपनों के लिए चिंता का एहसास मुझे है, इसलिए रोजाना यहां में भजन गाकर मरीज के परिजन का कुछ मानसिक तनाव दूर करता हूं।