शिवराज कैबिनेट: कई नेता दावेदार, क्या है पेंच और सियासी गणित?

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Published: 15 Nov 2020, 01:36 PM IST

मध्यप्रदेश में 34 मंत्री बनाए जा सकते हैं।

भोपाल. मध्यप्रदेश में शिवराज कैबिनेट को लेकर एक बार फिर से सियासत तेज हो गई है। मध्यप्रदेश में हुए उपचुनाव में तीन मंत्रियों की हार के बाद अब एक बार फिर से कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही शिवराज कैबिनेट का विस्तार हो सकता है लेकिन शिवराज कैबिनेट में मंत्रियों की जगह केवल 4 है जबकि दावेदार कई हैं।

पूर्व मंत्री अजय विश्नोई का कहना है कि अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समय पर कैबिनेट विस्तार करेंगे जिसमें क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान जरूर रखा जाएगा। भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने एक और बड़ा बयान देते हुए कहा कि वो विधानसभा अध्यक्ष नहीं बनना चाहते। बता दें कि शिवराज सरकार की मौजूदा कैबिनेट में अधिकांश मंत्री ग्वालियर-चंबल संभाग से हैं।


ये मंत्री हारे हैं चुनाव
दिमनी से गिर्राज दंडोतिया चुनाव हारे
डबरा से इमरती देवी हारें
सुमावली से एंदल सिंह कंसाना चुनाव हारे

क्या है सियासी गणित
उपचुनाव से पहले शिवराज सरकार में कुल 33 मंत्री थे, जिसमें 25 कैबिनेट मंत्री और 8 राज्यमंत्री शामिल थे। नियम के मुताबिक मध्य प्रदेश कैबिनेट में ज्यादा से ज्यादा 34 मंत्री शामिल हो सकते हैं। लेकिन अब उपचुनाव के बाद की परिस्थितियों में शिवराज सरकार में सिर्फ 28 मंत्री बचे हैं। तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह दो मंत्री पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। इसके अलावा उपचुनाव में तीन मंत्री चुनाव हार गए हैं।