नए साल के पहले ही दिन कोरोना ने ली दिग्गज नेता की जान, वाईएसआरसीपी के रामकृष्ण रेड्डी का निधन

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Updated: 01 Jan 2021, 06:59 PM IST

  • नए साल के पहले ही दिन कोरोना ने ले ली दिग्गज नेता की जान।
  • वाईएसआर कांग्रेस के एमएलसी चल्ला रामकृष्ण रेड्डी की हो गई मृत्यु।
  • कोविड-19 के चलते पार्टी के दूसरे नेता की हो गई मौत।

हैदराबाद। नए साल के पहले ही दिन आंध्र प्रदेश के एक प्रमुख नेता का कोरोना वायरस महामारी के चलते निधन हो गया। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सदस्य और आंध्र प्रदेश विधानसभा के वरिष्ठ नेता चेला रामकृष्ण रेड्डी की शुक्रवार को हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में कोविड-19 के कारण मौत हो गई। वह 72 वर्ष के थे। यह जानकारी उनके परिवार के सदस्यों ने दी।

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रेड्डी अपने पीछे एक पत्नी, दो बेटे और दो बेटियां छोड़ गए हैं। रेड्डी को बीते 13 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह पिछले तीन सप्ताह से वेंटिलेटर पर थे। उन्हें दिसंबर के पहले सप्ताह में आयोजित राज्य विधान परिषद के शीतकालीन सत्र के दौरान कोविड-19 के लिए हुए टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया था।

उनके परिवार के सदस्यों ने कहा कि पिछले हफ्ते उनकी हालत और बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्होंने आज सुबह अंतिम सांस ली। कुरनूल जिले के आउक ब्लॉक के उनके मूल स्थान उप्पलापाडु गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने रामकृष्ण रेड्डी के निधन पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया। कुरनूल राजनीति में उनकी सक्रिय भूमिका को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की।

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रेड्डी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस पार्टी के साथ की थी। उन्होंने पहली बार 1983 में कुरनूल में पण्यम निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव जीता। हालांकि वह 1989 में विधानसभा चुनाव और 1991 में लोकसभा चुनाव हार गए, लेकिन उन्होंने कोइलकुंतला निर्वाचन क्षेत्र से 1999 और 2004 में लगातार दो बार जीत के साथ वापसी की।

2009 में वह बनगनापल्ले निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़े और प्रजा राज्यम पार्टी के उम्मीदवार से हार गए। 2014 में, वह टीडीपी में शामिल हो गए लेकिन फिर से चुनाव हार गए। बाद में उन्हें राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। 2019 के विधानसभा चुनाव से पहले वह वाईएसआरसीपी में शामिल हो गए।

रेड्डी, जिन्हें हाल ही में एक एमएलसी के रूप में चुना गया था, कोविड-19 के आगे हार मानने वाले दूसरे वाईएसआरसीपी नेता हैं। सितंबर में तिरुपति बल्ली के सांसद दुर्गा प्रसाद राव का भी कोविड-19 में चेन्नई के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था।