Captain Amarinder Singh बोले, कृषि विधेयक बन सकता है पंजाब में अशांति की वजह

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Updated: 17 Sep 2020, 07:46 AM IST

  • पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ( Captain Amarinder Singh ) ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन।
  • केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए कृषि विधेयकों से पंजाब में फैला तनाव।
  • कैप्टन ने कानून का उल्लंघन करने वाले किसानों के खिलाफ मुकदमे वापस लिए।

 

चंडीगढ़। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के बाद कृषि अध्यादेशों को लेकर पंजाब में तनाव बढ़ रहा है। जहां एक तरफ किसान सड़कों पर आकर केंद्र सरकार के इस कदम का विरोध कर रहे हैं, वहीं सियासी दलों ने भी किसानों को समर्थन दिया है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह( Captain Amarinder Singh ) ने बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात कर कहा कि केंद्र सरकार की ओर से जारी अध्यादेशों पर कानून बनाने से पंजाब में अशांति पैदा होगी।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए कैप्टन ने प्रदेश के राज्यपाल वीपी सिंह बदनोर से मुलाकात कर उनके सामने अपनी बात रखी और मांग की कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करें। इस प्रतिनिधिमंडल में राज्य कांग्रेस प्रमुख सुनील जाखड़ भी शामिल रहे।

अमरिंदर सिंह ने राज्यपाल को बताया कि ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार का कदम मौजूदा खरीद प्रणाली के साथ छेड़छाड़ करने वाला है। देश भर में मौजूद कोरोना वायरस संकट के वक्त में इससे पंजाब के किसानों के बीच अशांति गहरा सकती है। उन्होंने जोर दिया कि यह अध्यादेश क्षेत्र की शांति और विकास के अनुकूल नहीं हो सकता है।

बता दें कि सोमवार को केंद्र रसरकार द्वारा संसद में तीन अध्यादेश विधेयक के रूप में पेश किए गए थे। सोमवार को ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की थी कि इस दिशा में आगे नहीं बढ़ना चाहिए। सिंह ने इनको 'किसान विरोधी अध्यादेश' बताते हुए किसानों के लिए एमएसपी को जरूरी बताया।

वहीं, कृषि सुधारों से जुड़े विधेयकों पर विपक्ष के विरोध और आशंकाओं को खारिज करते हुए संसद में कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा था कि इससे किसानों को लाभ होगा। इससे किसानों को उनकी उपज का न केवल वाजिब मूल्य मिलेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में नई तकनीक और संसाधनों के निवेश का रास्ता भी खुलेगा।

पंजाब सरकार ने किसानों से मुकदमे वापस लिए

वहीं, अमरिंदर सिंह ने बुधवार को गुस्साए किसानों से अपील की कि वे कृषि अधिनियम को लेकर प्रदेश में ना तो ट्रैफिक जाम करें ना ही धारा 144 का उल्लंघन करें। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि वे अपने जीवन के लिए लड़ रहे थे इसलिए उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि धारा 144 का उल्लंघन करने वाले किसानों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ले ली जाएंगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और कांग्रेस किसानों के साथ है। केंद्र का यह विधेयक यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ पंजाब और इसके कृषि क्षेत्र को बर्बाद कर देगा। सिंह ने किसानों से आग्रह किया वे राजधानी दिल्ली जाकर केंद्र सरकार के सामने अपना विरोध प्रदर्शन करें।