प्रशांत किशोर ने बढ़ाया सियासी पारा, बोले- अपनी बेटी ही चाहता है बंगाल, मेरा पुराना ट्वीट याद रखना

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Published: 27 Feb 2021, 02:47 PM IST

  • West Bengal Election प्रशांत किशोर ने फिर किया ममता की जीत का दावा
  • पीके के ट्वीट से चढ़ा बंगाल में सियासी पारा
  • दिसंबर में भी कर चुके हैं बीजेपी को लेकर बड़ा दावा

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल ( West Bengal Assembly Election ) में चुनावी रणभेरी बजने के बाद नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। आठ चरणों में होने वाला मतदान से पहले कोई भी दल किसी भी तरह की कसर नहीं छोड़ना चाहता। यही वजह है कि जनता के बीच माहौल बनाने के लिए नेता बड़े-बड़े दावे और वादे कर रहे हैं।

इसी कड़ी में अब चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ( Prashant Kishore ) के एक ट्वीट ने प्रदेश में सियासी पारा और हाई कर दिया है। पीके ने एक बार फिर अपने ट्वीट से ममता के दोबारा सत्ता में आने की ओर इशारा किया है। आईए जानते हैं पूरा मामला।

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चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने एक बार फिर अपनी ट्वीट से बंगाल का सियासी पारा बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जीत को लेकर आशान्वित पीके ने बीजेपी खेमे में भी हलचल बढ़ा दी है।

पीके ने शनिवार को ट्वीट कर लिखा है- 'भारत में लोकतंत्र की अहम लड़ाई पश्चिम बंगाल में लड़ी जाएगी और बंगाल के लोग अपने संदेश के साथ तैयार हैं। बंगाल केवल अपनी बेटी चाहता है। 2 मई को मेरा पिछला ट्वीट जरूर देखिएगा।'

आपको बता दें कि ये पहली बार नहीं जब प्रशांत किशोर ने ममता के पक्ष में या उनकी जीत को लेकर इतने दावे के साथ कोई ट्वीट किया हो।

इससे पहले बीते वर्ष दिसंबर में दावा किया था कि 'अगर बीजेपी बंगाल में बेहतर प्रदर्शन करती है तो मैं ट्विटर छोड़ दूंगा।

पीके ने कहा था, 'मीडिया का एक वर्ग बीजेपी के समर्थन में माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। इससे साफ है कि बीजेपी दहाई के आंकड़े के लिए संघर्ष कर रही है। अगर बीजेपी बंगाल में बेहतर प्रदर्शन करती है तो मैं ट्विटर छोड़ दूंगा।

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आठ चरणों में होना है मतदान
आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने घोषणा की कि चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के लिए मतदान 27 मार्च को शुरू होगा और 29 अप्रैल तक चलेगा जबकि मतों की गिनती दो मई को होगी।
पश्चिम बंगाल में चुनाव 27 मार्च, एक अप्रैल, छह अप्रैल, दस अप्रैल, 17 अप्रैल, 22 अप्रैल, 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे। पश्चिम बंगाल में 2016 की तुलना में इस बार एक चरण अधिक होगा।