रेल मंत्री ने महाराष्ट्र सरकार पर लगाया बड़ा आरोप, यात्रियों की जानकारी नहीं दे रही उद्धव सरकार

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Updated: 26 May 2020, 09:14 PM IST

- महाराष्ट्र सरकार ( Maharashtra Govt ) ने रेल मंत्रालय ( Ministry of Railway ) पर कम ट्रेनेें का आरोप लगाया था

- पीयूष गोयल ( Piyush Goel ) ने कहा है कि हमनें महाराष्ट्र सरकार को 125 ट्रेनें दी थी

नई दिल्ली। ट्रेनों के संचालन को लेकर रेल मंत्रालय ( Ministry of Railway ) और महाराष्ट्र सरकार ( Maharashtra Govt ) के बीच ऐसी ठन गई है कि आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। मंगलवार को रेल मंत्री पीयूष गोयल ( Piyush Goel ) ने महाराष्ट्र सरकार ( Maharashtra Govt ) पर आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे सरकार यात्रियों के बारे में जानकारी नहीं उपलब्ध करा रही है, जिसकी वजह से कई श्रमिक स्पेशल ट्रेनों ( Shramik Special Train ) का संचालन नहीं हो पा रहा।

यात्रियों की जानकारी छिपा रही है महाराष्ट्र सरकार- पीयूष गोयल

पीयूष गोयल ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा, 'महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध पर हमनें आज 145 श्रमिक विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की। यह ट्रेन सुबह से तैयार खड़ी हैं। दोपहर 3 बजे तक 50 ट्रेनों को रवाना हो जाना था, लेकिन यात्रियों की कमी की वजह से सिर्फ 13 रवाना हुईं। मैं महाराष्ट्र सरकार से अनुरोध करता हूं कि यह सुनिश्चित करने में पूर्ण सहयोग दें कि परेशान प्रवासी श्रमिक अपने घर पहुंचे और श्रमिकों को समय पर स्टेशन पहुंचाया जाए और विलंब न करें। इससे समूचा नेटवर्क और योजना प्रभावित होगी।'

महाराष्ट्र सरकार को 30-40 नहीं बल्कि 125 ट्रेनें दी हैं- रेल मंत्री

रेल मंत्री ने उद्धव ठाकरे की सरकार के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि रेल मंत्रालय से हमने 80 ट्रेनें मांगी थी, लेकिन सिर्फ 30-40 ट्रेनें ही मिली हैं। इन आरोपों पर पीयूष गोयल ने कहा कि हमने उन्हें 125 ट्रेनों का ऑफर दिया था, लेकिन वो कल की ट्रेनों की डीटेल नहीं दे पाए। उन्होंने केवल 41 ट्रेनों की डीटेल दी है।' इतना ही नहीं 25 मई को महाराष्ट्र से प्रवासी मजदूरों को निकालने के लिए 125 ट्रेनों की योजना तैयार की थी, लेकिन राज्य सरकार देर रात 2 बजे तक सिर्फ 41 ट्रेनों के लिए ही जानकारी दे पाई।

' यात्री नहीं होने की वजह से रद्द करनी पड़ीं बाकी ट्रेनें'

बयान में आगे कहा गया, 'काफी प्रयासों और सावधानीपूर्वक योजना के बाद रेलवे बेहद कम समय में अपने संसाधनों को तैयार करता है और उसने 26 मई को महाराष्ट्र से 145 श्रमिक ट्रेनों के संचालन की योजना तैयार की थी। दोपहर 12 बजे तक महाराष्ट्र से 25 ट्रेनों को रवाना करने की योजना थी लेकिन कोई भी ट्रेन रवाना नहीं हुई क्योंकि यात्री नहीं आ सके थे।