Karnataka : येदियुरप्पा के मंत्री केएस ईश्वरप्पा बोले - PFI और सिद्धारमैया में कोई अंतर नहीं

|

Updated: 20 Feb 2021, 02:58 PM IST

  • राम मंदिर निर्माण के लिए देश का गरीब भी दान दे रहा है।
  • कांग्रेस नेता सिद्धारमैया कहतें है जमीन विवादित है।
  • पीएफआई लोगों से कहती है कि मंदिर निर्माण के लिए चंदा मत दो।

नई दिल्ली। कर्नाटक सरकार में कद्दावर मंत्री केएस ईश्रप्पा ने पीएफआई सहित कांग्रेस पार्टी के एक कद्दावर नेता को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पीएफआई लोगों से कहती है कि वह राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा न दें। इसके पीछे पीएफआई वालों का कहना है कि जहां राम मंदिर का निर्माण हो रहा है वो विवादित भूमि है। प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया भी ऐसा ही कहते हैं। उनकी भी यही राय है। सिद्धारमैया और पीएफआई के बीच कोई अंतर नहीं है। वे दोनों एक सिक्के के ही दो पहलू हैं।

कांग्रेस को बर्बाद करने के अकेले सिद्धारमैया ही काफी

कर्नाटक में अकेले सिद्धारमैया कांग्रेस पार्टी को बर्बाद करने के लिए काफी हैं। इसी तरह एचडी कुमारस्वामी अपनी पार्टी को नष्ट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए गरीब भी 10 रुपए दे रहे हैं। लेकिन सिद्धारमैया का कहना है कि यह विवादित भूमि है। इसलिए वह योगदान नहीं देंगे।

मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने कहा है कि हमारी सरकार ने हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में एक समिति बनाने का फैसला किया है। यह सभी समुदायों की जानकारी एकत्र करेगा। समिति राज्य मंत्रिमंडल को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार हमारी सरकार योग्य समुदायों को आरक्षण देने के मुद्दे पर अंतिम फैसला लेगी।