कर्नाटक के सीएम येदियुरप्पा को बड़ा झटका, HC ने 'ऑपरेशन कमल' की जांच को दी मंजूरी

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Updated: 31 Mar 2021, 07:10 PM IST

‘ऑपरेशन कमल’ को लेकर जेडीएस नेता नगन गौड़ा के बेटे शरण गौड़ा ने FIR दर्ज कराई थी। JDS ने आरोप लगाया था कि भाजपा नेता येदियुरप्पा ने कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार को गिराने के लिए साजिश रची थी।

नई दिल्ली। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को एक बड़ा झटका लगा है। दरअसल, ‘ऑपरेशन कमल’ मामले में हाईकोर्ट ने जांच के आदेश दे दिए हैं। कर्नाटक हाईकोर्ट ने जनता दल सेकुलर (JDS) की ओर से दर्ज कराई गई FIR को रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज करते हुए यह बड़ा आदेश दिया है। ‘ऑपरेशन कमल’ को लेकर जेडीएस नेता नगन गौड़ा के बेटे शरण गौड़ा ने FIR दर्ज कराई थी।

बता दें कि 2019 में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार गिर गई थी और भाजपा ने सरकार बनाई थी। आरोप है कि मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार को गिराने के लिए साजिश रची थी। सोशल मीडिया पर एक ऑडियो टेप भी वायरल है, जिसमें येदियुरप्पा कथित तौर पर एक विधायक के बेटे को ‘ऑपरेशन कमल’ के लिए राजी करने की कोशिश करते हुए सुनाई दे रहे हैं। इसमें वे कह रहे हैं कि अपने पिता से इस्तीफा दिलवाएं और पार्टी भी बदल लें।

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हालांकि अभी तक इस ऑडियो टेप की सत्यता की पुष्टि नहीं हो पाई है। कांग्रेस-जेडीएस ने दावा किया था कि भाजपा ने हमारी सरकार को गिराने के लिए साचिश रची थी। इसको लेकर कांग्रेस ने न्यायिक जांच की भी मांग की थी। हालांकि, येदियुरप्पा ने इन सभी आरोपों का खंडन किया है।

2019 में गिर गई थी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार

मालूम हो कि कर्नाटक में 2018 में चुनाव हुए थे। इस चुनाव में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। भाजपा अधिक सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। ऐसे में त्रिशंकु विधानसभा होने की स्थिति में कांग्रेस-जेडीएस ने हाथ मिलाया और कुमार स्वामी की अगुवाई में गठबंधन की सरकार बनी। इसके बाद 2019 में गठबंधन सरकार के कुछ विधायक अचानक भाजपा में शामिल हो गए। इस परिस्थिति में गठबंधन सरकार अल्पमत में आ गई और कुमार स्वामी की सरकार गिर गई। जिसके बाद येदियुरप्पा की अगुवाई में भाजपा ने सरकार बनाई।