हरियाणा सरकार का बड़ा तोहफा, हर बीपीएल परिवार को घर की मरम्मत के लिए 80 हजार रुपये

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Updated: 27 Feb 2021, 08:31 PM IST

HIGHLIGHTS

  • सरकार ने घोषणा की है कि डॉ. बीआर अंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना का लाभ अब सभी बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों को मिलेगा।
  • अब इस योजना के तहत घर की मरम्मत के लिए 80 हजार रुपये मिलेंगे। पहले इसके तहत 50 हजार रुपये मिलते थे।

चंडीगढ़। हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने राज्य के नागरिकों को एक बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने गुरु रविदास जयंती के मौके पर यह बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने घोषणा की है कि डॉ. बीआर अंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना का लाभ अब सभी बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों को मिलेगा।

अभी तक यह लाभ केवल अनुसूचित जाति के बीपीएल परिवारों को ही मिल रहा था। सरकार ने इस योजना के तहत मिलने वाली धनराशि को भी बढ़ा दिया है। अब इस योजना के तहत घर की मरम्मत के लिए 80 हजार रुपये मिलेंगे। पहले इसके तहत 50 हजार रुपये मिलते थे।

सरकार ने इसके अलावा अनुसूचित जाति को उत्पीड़न के मामले में दी जाने वाली कानूनी सहायता को 11 हजार से बढ़ाकर 21 हजार रुपये कर दिया गया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को अपने आवास पर संत शिरोमणि गुरु रविदास की 644वीं जयंती पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में यह घोषणाएं की।

वार्षिक आय स्लैब को बढ़ाया जाएगा

मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि एक अप्रैल से बीपीएल परिवारों के लिए सालाना आय स्लैब को बढ़ाकर एक लाख 20 हजार से एक लाख 80 हजार रुपये कर दिया जाएगा। इसके अलाव़ा महान संतों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार संत महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रसार योजना की शुरुआत करने जा रही है।

इसके तहत सामाजिक और धार्मिक संगठनों को ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर महापुरुषों की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए न्यूनतम 50 हजार रुपये और अधिकतम एक लाख रुपये प्रदेश सरकार देगी। नए वित्त वर्ष में इसके लिए 11 करोड़ रुपये का बजट रख जाएगा।

सीएम खट्टर ने कहा कि एक अप्रैल को मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) बनने के बाद प्रदेश में सबसे कम आय वाले एक लाख परिवारों का चयन कर उन्हें गरीबी रेखा से ऊपर उठाकर मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जाएगा।

ऐसे परिवारों की आय न्यूनतम 8 हजार रुपये से 9 हजार रुपये प्रतिमाह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएग। मालूम हो कि हरियाणा में मौजूदा समय में 65 लाख परिवारों में से 54 लाख के पीपीपी कार्ड बन चुके हैं।