Chirag Paswan की चिट्ठी से बिहार एनडीए में घमासान, नीतीश का नेतृत्व एलजेपी को पसंद नहीं

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Updated: 16 Sep 2020, 02:01 PM IST

  • चुनावी तैयारियों के बीच पीएम मोदी को लिखा चिराग पासवान का पत्र सियासी तौर पर चौंकाने वाला।
  • नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए चिराग पासवान ने आज एलेजपी के सांसदों की आपात बैठक बुलाई।
  • पार्टी के विधायकों और सांसदों को 243 में से 143 विधनसभा सीटों पर पार्टी की ओर से प्रत्याशी उतारने के संकेत दिए।

नई दिल्ली। चुनाव आयोग की ओर से बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान अब किसी भी समय हो सकता है। दूसरी तरफ महागठबंधन में टूट के बाद एनडीए में नेतृत्व और सीटों के आवंटन को लेकर सियासी घमासान की स्थिति है। सियासी समीकरणों को लेकर नाराज एलेजपी प्रमुख और युवा नेता चिराग पासवान ( Chirag Paswan ) ने जेडीयू प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। खासकर चिराग पासवान की ओर से पीएम मोदी को लिखी एक चिट्ठी से एनडीए बिहार में घमासान की स्थिति है।

नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए चिराग पासवान ने आज लोक जन शक्ति पार्टी के सांसदों की आपात बैठक बुलाई है। जानकारी के मुताबिक इस बैठक में चिराग पासवान नीतीश कुमार के नेतृत्व और चुनावी रणनीतियों पर पार्टी के नेताओं के साथ अहम चर्चा कर सकते हैं। इस बात की भी संभावना है कि वो एनीडीए से अलग होकर चुनाव लड़ने का फैसला ले लें।

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143 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी

चिराग पासवान ने पार्टी के विधायकों और सांसदों से 243 में से 143 सीटों पर खुद को प्रत्याशी उतारने के संकेत दिए हैं। साथ ही पार्टी के नेताओं से चुनाव में पार्टी की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित करने के लिए चुनावी तैयारियों में पूरी तरह से जुटने का आदेश दिया है।

दरअसल, बिहार एनडीए में टूट की स्थिति नीतीश कुमार द्वारा चिराग पासवान की लगातार उपेक्षा और एलजेपी प्रमुख द्वारा पीएम मोदी को एक चिट्ठी लिखे जाने से उत्पन्न हुई है। चिट्ठी में चिराग ने बिहार में कोरोना वायरस महामारी से निपटने में बिहार सरकार की विफलता का भी जिक्र किया है। इसमें आंकड़े को लेकर सरकार उपलब्धियों पर संशय की बात भी कही गई है।

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नीतीश विरोधी रुख

एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान ने पीएम को लिखे पत्र में कहा है कि बिहार की जनता राज्य सरकार के कामकाज से खुश नहीं है। सरकार विरोधी इस नाराजगी की वजह से विधानसभा चुनाव प्रभावित हो सकते हैं। पार्टी की ओर से पेश आंकड़े को लेकर चुनावी जीत पर भी सवाल उठाए गए हैं। पत्र में उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली और नौकरशाहों के रवैए को लेकर तीखी टिप्पणी की है।

चिराग का चौंकाने वाला मूव

चिराग ने पत्र में कहा है कि वो एलजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद मिले फीडबैक को पीएम से साझा कर रहे हैं। ये बात अलग है कि चिराग का पत्र अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। लेकिन चुनावी तैयारियों के बीच पीएम को लिखा चिराग पासवान का ये पत्र सियासी तौर पर चौंकाने वाला है।

ऐसा इसलिए कि 2 दिन पहले ही उन्होंने एक बयान दिया था कि एनडीए के चेहरे के रूप में नीतीश कुमार से कोई परेशानी नहीं है। तब चिराग ने कहा था कि मैं बीजेपी द्वारा चुने गए किसी भी टॉम, डिक या हैरी के साथ खुश हूं। हालांकि, इसे चिराग पासवान द्वारा नीतीश कुमार की आलोचना माना जा रहा हैं। पत्र में इस बात के भी संकेत है कि एलजेपी, जेडीयू प्रमुख के नेतृत्व में चुनाव लड़ने से खुश नहीं है।

नीतीश के नेतृत्व में नुकसान की आशंका

चिराग ने चुनावी तैयारियों के बीच सख्त स्टैंड 7 सितंबर को एलजेपी बिहार संसदीय बोर्ड की बैठक में 143 विधानसभा सीटों पर तैयारी कहने के बाद लिया है। उन्होंने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से हर सियासी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा है। इसके साथ ही संसदीय बोर्ड के सदस्यों की तरफ़ से नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव में जाने पर नुक़सान होने की बात कही है। ऐसे में लगभग एक सप्ताह बाद हो रही सांसदों की बैठक में इन सभी मुद्दों पर आज चर्चा होगी।

जीतन राम के एनडीए में आने से नाराज हैं चिराग

आपको बता दें कि लोक जनशक्ति पार्टी जेडीयू के साथ जीतन राम मांझी के रूप में दलित नेता के तौर पर जोड़ने को लेकर भी पसोपेश में है। हालांकि, नीतीश कुमार ने तीन दिन पहले पटना में विधानसभा चुनावों को लेकर एडीए के सहयोगी दलों के लबीच सीट बंटवारे को लेकर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की थी।