सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी भाजपा

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Published: 27 Nov 2020, 08:18 PM IST

विप में बहुमत की कवायद : जद-एस पर टिकी उम्मीदें

बेंगलूरु. विधान परिषद में सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद सत्तारुढ़ भाजपा अब सदन में बहुमत हासिल करने की कवायद में जुट गई है। इसके लिए भाजपा नए सियासी समीकरणों की तलाश कर रही है। शीतकालीन अधिवेशन में भाजपा विधान परिषद सभापति प्रतापचंद्र शेट्टी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। इसके लिए भाजपा ने नोटिस भी दिया है।

सूत्रों के मुताबिक परिषद में भाजपा और जनता दल-एस के बीच समझौता होने की संभावना है। भाजपा सदन में सभापति का पद चाहती है। यह पद अभी कांग्रेस के पास है जबकि उपसभापति का पद जनता दल-एस के पास है। शेट्टी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए भाजपा के सदस्यों ने परिषद की सचिव केएम महालक्ष्मी को नोटिस सौंपा है।

इस नोटिस पर विधान परिषद सदस्य आयनूर मंजुनाथ, लहर सिंह सिरोया, वाईए नारायणस्वामी, हनुमंत रुद्रप्पा निराणी, तेजस्विनी गौडा, बी.जे. पाटिल, भारती शेट्टी, महंतेश कवटगीमठ, पुट्टणा तथा ए देवेगौड़ा ने हस्ताक्षर किए हैं।

दरअसल, मानसून सत्र में एकजुट विपक्ष के कारण सदन में श्रम कानून में संशोधन से संबंधित विधेयक को खारिज हो गया था जबकि भूमि सुधार कानून में संशोधन से संबंधित विधेयक सहित कई विधेयक लंबित रह गए थे। दोनों सदनों से पारित नहीं होने के कारण सरकार को भूमि सुधार कानून संंबंधी अध्यादेश दुबारा जारी करना पड़ा था। पिछले महीने परिषद की दो स्नातक और दो शिक्षक सीटों के चुनाव में विपक्षी दलों को एक भी सीट नहीं मिली थी। चारों सीटों जीतने के बाद भाजपा सदस्यों की संख्या अब ७५ सदस्यीय सदन में ३१ हो गई है। जबकि कांग्रेस के २९ और जद-एस के १४ और एक निर्दलीय सदस्य हैं। सदन में बहुमत का जादुई आंकड़ा ३८ है।ऐसी स्थिति मेें जद-एस जिसके साथ होगा उसका पलड़ा भारी होगा।

भाजपा व जद-एस में सहमति

सिरोया के मुताबिक जद-एस पहले भी भाजपा का सहयोगी रहा है। उन्होंने कहा कि परिषद में भाजपा तथा जद-एस साथ होंगे। सूत्रों के मुताबिक दोनों दलों के बीच बनी सहमति के मुताबिक सभापति का पद भाजपा और उपसभापति का पद जद-एस के पास होगा। जद-एस का साथ मिलने से सदन में भाजपा को बहुमत मिल जाएगा और परिषद में विधेयक पारित करना सुगम हो जाएगा।

पुजारी हो सकते हैं सभापति!

बताया जा रहा है कि देवस्थान विभाग के मंत्री कोटा श्रीनिवास पुजारी को विधान परिषद का सभापति बनाया जा सकता है। जद-एस के एस धर्मे गौड़ा उपसभापति पद पर बरकरार रहेंगे। पिछले कुछ समय में कांग्रेस तथा जद-एस के बीच दूरियां बढ़ गई हैं। बदलते समीकरणों के साथ जद-एस और भाजपा के बीच नजदीकियां बढ़ रही है।

जद-एस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा से भी मुलाकात की थी। मण्डया जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव में भी भाजपा तथा जद- एस ने साथ मिलकर कांग्रेस को झटका दिया है।