अनिल देशमुख के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र सरकार पर BJP हमलावर, सीएम उद्धव ठाकरे से मांगा इस्तीफा

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Updated: 05 Apr 2021, 08:12 PM IST

Antilia Case: 100 करोड़ रुपये हर महीने उगाही करने के आरोपों में घिरे महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

मुंबई। एंटीलिया केस सामने आने के बाद से लगातार महाराष्ट्र की सियासत में गर्माहट देखने को मिलती रही है और आज गृह मंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे के बाद सियासी भूचाल आ गया है। अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये हर महीने उगाही करने के आरोप लगने के बाद से उद्धव सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है।

दरअसल, पहले से ही अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग कर रही राज्य में विपक्षी दल भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है और अब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने अनिल देशमुख के इस्तीफे को लेकर उद्धव सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि उद्धव सरकार ने अब शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया है।

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रविशंकर प्रसाद ने कहा, ''मुझे दिलचस्प लग रहा है कि अनिल देशमुख ने नैतिक जिम्मेदारी ली है। मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी का क्या? उद्धव ठाकरे ने सरकार चलाने का नैतिक अधिकार को खो दिया है।''

सवालों के घेरे में उद्धव ठाकरे की खामोशी: BJP

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे खामोश हैं। शरद पवार कहते हैं कि मंत्री के बारे में मुख्यमंत्री फैसला करते हैं और कांग्रेस व शिवसेना कहती है अनिल देशमुख के बारे में NCPफैसला करेगी। आज कमाल हो गया कि शरद पवार से अनुमति के बाद मुख्यमंत्री को इस्तीफा सौंपा गया।

उन्होंने एक बार फिर से पूछा कि यदि मुंबई का टारगेक 100 करोड़ हर महीने का था, तो पूरे महाराष्ट्र का कितना था और यह एक मंत्री का टारगेट था तो बाकी मंत्रियों का कितना था?

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रविशंकर ने कहा कि जैसा आरोप लगाया गया था कि अनिल देशमुख ने सचिन वाजे को मुंबई में 1700 बार और रेस्टोरेंट से 100 करोड़ रुपये उगाही करने को कहा था। अब जब इस मामले में देशमुख ने इस्तीफा दे दिया है तो मुख्यमंत्री अपना मुंह कब खोलेंगे। उनकी खामोशी कई सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने पूछा कि अब ये बताना पड़ेगा कि देशमुख जो उगाही की मांग कर रहे थे वह अपने लिए कर रहे थे या सरकार में शामिल सभी लोगों के लिए कर रहे थे।

अब सीबीआई करेगी मामले की जांच

आपको बता दें कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की याचिका पर सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए अनिल देशमुख को बड़ा झटका दिया। कोर्ट ने कहा कि हर महीने 100 करोड़ रुपये उगाही करने का आरोप गृह मंत्री पर है, ऐसे में उनके पद पर रहते हुए पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती है। लिहाजा, इस केस की जांच अब सीबीआई करेगी। कोर्ट के आदेश के बाद अनिल देशमुख ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी भी दी।