Bihar : नीतीश बने रहेंगे सीएम या बीजेपी के नेतृत्व में बनेगी एनडीए सरकार

|

Updated: 10 Nov 2020, 06:24 PM IST

 

  • बिहार बीजेपी ने इस बार बड़े भाई का दावा ठोका।
  • जेडीयू ने अपने हेडक्वार्टर पर लगाए नीतीश बा के होर्डिंग्स।
  • दोनों पार्टियों के नेताओं ने सीएम पद के लिए ठोके दावे।

नई दिल्ली। बिहार की जनता ने अपना जनादेश दे दिया है। अभी तक के रूझानों से साफ है कि बीजेपी राज्य में पहली बार नंबर वन पार्टी बनने की ओर अग्रसर है। आरजेडी दूसरे नंबर पर और जेडीयू तीसरे नंबर पर रेस में है। अब इस बात की भी चर्चा जोरों पर है कि बिहार का अगला सीएम कौन होगा? क्या नीतीश कुमार चौथी बार सीएम बनेंगे या जेडीयू के फार्मूले को आधार बनाकर बीजेपी इस बार सीएम पद का दावा ठोकेगी। इस बारे में अभी स्पष्ट संकेत उभरकर सामने नहीं आए हैं, लेकिन बिहार बीजेपी के नेताओं ने सीएम पद की मांग कर पेंच फंसा दिया है। आइए हम आपको बताते हैं बीजेपी—जेडीयू गठबंधन धर्म का इतिहास क्या है और इस बार यह कितना कारगर साबित होगा।

अब इस बात की चर्चा क्यों?

दरअसल, बीजेपी के सहयोग से जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार साल 2005, 2010 और 2017 में बिहार का मुख्यमंत्री बनाकर एनडीए सरकार का नेतृत्व कर चुके हैं। 2010 चुनाव में तो जेडीयू और बीजेपी के विधायकों की संख्या का अंतर भी बहुत कम रह गया था। पिछले 15 सालों में सभी लोकसभा चुनाव में जेडीयू से ज्यादा बीजेपी के ज्यादा सांसद बिहार से लोकसभा में पहुंचे। यानि 15 सालों से बिहार में नीतीश कुमार केवल विधायकों की संख्या ज्यादा बताकर बिहार में बड़े भाई की भूमिका में रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2019 में नीतीश को कुमार को 40 में से 17 सीटों केवल इसलिए मिली कि नतीश कुमार एक साथ चुनाव लड़ने के लिए बराबर सीट की मांग पर अड़ गए थे।

Bypoll Results : इन राज्यों से भी बीजेपी के लिए अच्छी खबर, अधिकांश सीटों पर पार्टी के प्रत्याशी आगे

बीजेपी जेडीयू के फार्मूले को बना सकती है अपना हथियार

अभी तक जेडीयू के नेता बिहार के हर विधानसभा चुनाव में विधायक की संख्या बताकर नीतीश कुमार को सीएम बनाते रहे हैं। इतना ही नहीं बिहार के सभी चुनावों में बीजेपी के बड़े भाई की भूमिका में भी रहे हैं। इस बार बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के ताजा रुझानों के मुताबिक बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई है। अब नीतीश के फार्मूले के आधार पर बीजेपी के नेता जेडीयू से सीएम की कुर्सी की मांग कर सकती है। हालांकि, इसमें एक पेंच है। सियासी पेंच यह है कि नीतीश कुमार इस चुनाव में भी एनडीए की ओर से सीएम फेस हैं। इसलिए यही माना जाएगा कि नीतीश कुमार में ही बिहार की जनता ने भरोसा जताया है।

बीजेपी नेताओं के बदले सुर

इसके उलट बिहार चुनाव में बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के प्रबल संकेत के बाद से प्रदेश बीजेपी नेताओं के सुर बदल गए हैं। हालांकि अभी तक किसी भी बड़े नेता ने इस बात की मांग नहीं की है। लेकिन बिहार के कुछ नेता इस तरह के बयान देने लगे हैं कि इस बार बीजेपी का सीएम बनना चाहिए।

एनडीए का समीकरण

बिहार एनडीए में इस बार चार दल हैं। इन पार्टियों के नाम जेडीयू, बीजेपी, हम और वीआईपी पार्टी हैं। इनमें हम को जेडीयू कोटे से 7 सीटें मिलीं थीं तो मुकेश सहनी की वीआईपी को बीजेपी कोटे से 11 सीटें। हम के प्रत्याशी तीन सीटों पर आगे हैं जबकि वीआईपी के प्रत्याशी 5 सीटों पर। इसके अलावा एलजेपी के एक प्रत्याशी भी बढ़त बनाए हुए हैं। हालांकि, इस बार एलजेपी एनडीए में नहीं है लेकिन बीजेपी के साथ है। इस लिहाज से जेडीयू की ओर से सीएम पद की मांग को नैतिक आधार जायज नहीं ठहराने का बीजेपी के नेता विरोध कर सकते हैं।

Bihar Election Results : रमेश रिशिदेव और जयकुमार सहित नीतीश के 5 मंत्री पीछे

जेडीयू हेडक्वार्टर पर लगे नीतीश बा के होर्डिंग्स

एनडीयू को मिली बढ़त के बाद जेडीयू हेडक्वार्टर पर नीतीश कुमार के चेहरे के साथ नया होर्डिंग्स लगाया दिया गया है। जेडीयू के इस होर्डिंग्स पर लिखा है बिहार में का बा? इसका जवाब में जेडीयू के इस होर्डिंग्स में लिखा है। बिहार में फिर से नीतीश बा। यानि जेडीयू के नेता सीएम पद पर अपना दावा छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

क्या कहते हैं बीजेपी और जेडीयू के नेता

जनता ने नीतीश में भरोसा जताया

जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि नीतीश कुमार न केवल जेडीयू के सबसे बड़े नेता हैं, बल्कि बिहार एनडीए के भी वो आधिकारिक तौर पर घोषित नेता हैं। बिहार की जनता ने अपने सीएम में एक बार फिर भरोसा जताया है। पीएम मोदी भी कह चुके हैं नीतीश कुमार ही सीएम बनेंगे। ऐसे में सीएम पद पर किसी और का दावा नहीं बनता है।

पीएम की छवि आई काम

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि बिहार चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि ने नैया पार लगाने का काम किया है। इसलिए सीएम के मुद्दे पर विचार करने की जरूरत है। शाम तक हम सरकार गठन और नेतृत्व के मुद्दे पर फैसला करेंगे।

बिहार को मोदी स्वीकार

दिल्ली से बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने भी कहा है कि बिहार चुनाव के ताजा रूझानों में हमें बढ़त मिली है। लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों और नेतृत्व को स्वीकार किया है। एनडीए की जीत का श्रेय भी उन्हीं को मिलना चाहिए।