Bihar Election: बिहार में हार से कांग्रेस में हाहाकार, लगी इस्तीफों की झड़ी

|

Published: 19 Nov 2020, 11:11 AM IST

  • Bihar Election: बिहार चुनाव में हार के बाद कांग्रेस पार्टी में हाहाकार
  • कई नेताओं ने की इस्तीफे की पेशकश, प्रभारी ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली। बिहार ( Bihar Election ) में एक बार फिर NDA सरकार का गठन हो चुका है। जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार (Nitih Kumar) सातवीं बार मुख्यमंत्री बन चुके हैं। वहीं, इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी को एक बार फिर शिकस्त मिली है। चुनाव में हार मिलने के बाद कांग्रेस ( Congress ) पार्टी में हाहाकार मचा हुआ है। वहीं, कुछ कांग्रेस नेता पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं तो कुछ पार्टी के भीतर समीक्षा की मांग कर रहे हैं। इतना ही नहीं पार्टी में इस्तीफों का दौर भी शुरू हो गया है।

पढ़ें- अधीर रंजन ने कपिल सिब्बल पर कसा तंज, कहा - बिना कुछ किए बोलना आत्मनिरीक्षण नहीं

कई नेताओं ने की इस्तीफे की पेशकश

बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को शिकस्त मिली है। हालांकि, महागठबंधन में शामिल दल RJD का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है और 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी भी बनी है। लेकिन, कांग्रेस पार्टी एक बार फिर 'फ्लॉप' हो गई। कांग्रेस को केवल 19 सीटों पर ही जीत मिली है। जबकि, पार्टी ने 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। चुनाव में हार मिलने के बाद पार्टी के भीतर कलह शुरू हो गई है। कई नेता पार्टी के भीतर आत्मचिंतन की बात कर रहे हैं। वहीं, रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने अपना इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष को भेज दिया है। इतना ही नहीं कई नेताओं ने इस्तीफे की पेशकश भी कर दी है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने इस्तीफे की पेशकश की है। हालांकि, अभी ये जानकारी नहीं मिल पाई है कि इस्तीफे को स्वीकार किया गया है कि नहीं।

नेताओं ने कहा- आत्ममंथन की जरूरत

कुछ नेताओं का कहना है कि पार्टी ने ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने के चक्कर में कई ऐसी सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए, जिन पर जीतना मुश्किल था। पार्टी के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने कहा कि अब समय आ गया है कि पार्टी नेतृत्व आत्ममंथन करे। वहीं, कुछ नेताओं का कहना है कि बिहार चुनाव में जिस तरह पार्टी का प्रदर्शन रहा, उस पर समीक्षा करने की जरूरत है। यहां आपको बता दें कि हाल ही में पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा था कि पार्टी की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और अब ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अब आत्ममंथन का समय भी निकल चुका है। लिहाजा, अब जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की जरूरत है।

पढ़ें- Bihar: नीतीश सरकार में विभागों का बंटवारा, जानें किसके हिस्से में कौन सा मंत्रालय?