खडसे ने बढ़ाईं भाजपा की मुश्किल, कहा- ये तो ट्रेलर था, पिक्चर अभी बाकी है

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Updated: 23 Oct 2020, 05:19 PM IST

  • एनसीपी में कदम रखने वाले एकनाथ खडसे ( Eknath Khadse ) के नए बयान से मची खलबली।
  • दावा किया कि महाराष्ट्र के 10 से ज्यादा भाजपा विधायक उनके संपर्क में हैं।
  • उत्तर महाराष्ट्र से भाजपा के एक प्रमुख नेता खडसे की क्षेत्र में ह महत्वपूर्ण पकड़।

मुंबई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को छोड़ने के बाद एकनाथ खडसे ( Eknath Khadse ) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में शामिल होने के लिए तैयार हैं। हालांकि शुक्रवार को खडसे ने जो कहा कहा उससे भाजपा की मुश्किलें जरूर बढ़ सकती है। खडसे ने दावा किया कि भाजपा के 10 विधायक उनके संपर्क में थे, लेकिन वे अब पार्टी नहीं छोड़ सकते। उन्होंने कहा कि उत्तर महाराष्ट्र के कुछ पूर्व विधायक और स्थानीय नेता पार्टी प्रमुख शरद पवार की मौजूदगी में उनके साथ राकांपा में शामिल होंगे।

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एनसीपी ने दिया था टिकट देने का प्रस्ताव

उन्होंने यह दावा भी किया कि भाजपा ने उन्हें पिछले साल चुनावी टिकट देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद एनसीपी ने उन्हें विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारी की पेशकश की थी। यहां तक कि उन्होंने यह कहते हुए कि पूर्व मुख्यमंत्री पर भी हमला किया कि देवेंद्र फडणवीस के प्रदेश भाजपा संभालने के बाद पार्टी के पिछड़े वर्ग को एक साथ लेने का फार्मूला भी छोड़ दिया गया था।

ओबीसी समुदाय में मजबूत पकड़

खडसे उत्तर महाराष्ट्र से भाजपा के एक प्रमुख नेता थे और इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण पकड़ रखते हैं। वह लेवा पाटिल से हैं, जो उन ओबीसी समुदायों में से एक है, जिनकी उत्तर महाराष्ट्र में बड़ी आबादी है। इस क्षेत्र में 35 विधानसभा सीटें शामिल हैं। इनमें से भाजपा ने पिछले साल हुए राज्य विधानसभा चुनावों में 2014 की तुलना में एक कम, 13 सीटें जीतीं। राकांपा ने सात सीटें जीतीं, जबकि शिवसेना ने छह और कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्षेत्र में जीत दर्ज की थी। AIMIM ने दो सीटें जीतीं और दो निर्दलीय उम्मीदवार भी पिछले विधानसभा चुनाव में जीते गए।

राकांपा होगी मजबूत

खडसे के शामिल होने से राकांपा नेता उम्मीद कर रहे हैं कि इस क्षेत्र में पार्टी मजबूत होगी। मौजूदा भाजपा विधायक संजय सावकरे (भुसावल) को उनका करीबी माना जाता है। खड़से के करीबी सहयोगी ने कहा, "ज्यादातर नेता जो खडसे के करीबी हैं, उन्हें पिछले विधानसभा चुनावों में टिकट से वंचित कर दिया गया था। यह खडसे का कद करने के लिए किया गया था।"

क्या कहा खडसे ने

खडसे के गृहनगर जलगांव जिले की 11 विधानसभा सीटों में लेवा पाटिल समुदाय की एक महत्वपूर्ण आबादी है और यह 68 वर्षीय नेता का समर्थन करती है। इसके चलते उन्होंने लगातार छह बार से मुक्ताईनगर से चुनाव जीता है। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक खडसे ने कहा, "मेरे पास 10 से अधिक मौजूदा विधायकों का समर्थन है, लेकिन कोई भी हमारे साथ नहीं आएगा क्योंकि दलबदल विरोधी कानून लागू होगा और हम कोरोना वायरस महामारी के दौरान अनावश्यक चुनाव नहीं चाहते हैं। लेकिन 15-16 पूर्व विधायक हैं, जो धीरे-धीरे एनसीपी में शामिल हो जाएंगे। उनमें से कुछ शुक्रवार को मेरे साथ शामिल होंगे।"

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बहू और भाजपा सांसद पर भी संशय

इसके अलावा खडसे की बहू और रावेर भाजपा सांसद रक्षा खडसे भी उनके नक्शेकदम पर चल सकती हैं। उनके करीबी सहयोगियों ने दावा किया, "रक्षा खडसे के साथ भाजपा द्वारा आने वाले भविष्य में कई विधायकों के साथ-साथ एक मौजूदा सांसद को खोने की संभावना है।"

पिक्चर अभी बाकी है

इससे पहले गुरुवार को खडसे ने अपने ट्विटर पर एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'ये तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है।'