आज नवमी पर न करें कोई भी शुभ कार्य, केवल अशुभ कार्यों के लिए हैं शुभ मुहूर्त

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Published: 10 Mar 2018, 09:54 AM IST

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नवमी रिक्ता संज्ञक शुभ तिथि संपूर्ण दिवारात्रि है। नवमी तिथि में विग्रह, कलह, जुआ, मद्य, आखेट व अग्निविषादिक असद् कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते हैं। शुभ व मांगलिक कार्य शुभ नहीं होते। पर किसी शुभकार्यारंभ के समय लग्न में केन्द्र या त्रिकोण स्थान में कोई शुभ ग्रह स्थित हो तो रिक्ता तिथि का दोष परिहृत हो जाता है।

नक्षत्र: मूल ‘तीक्ष्ण व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र अंतरात्रि सूर्योदय पूर्व प्रात: ६.२८ तक है। इसके बाद पूर्वाषाढ़ा ‘उग्र व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। मूल नक्षत्र में यज्ञोपवीत, जलपूजन, वास्तु शांति व विवाहादि कार्य किए जाने योग्य हैं। पर यह गंडान्त संज्ञक नक्षत्र भी है। अत: इस नक्षत्र में जन्मे जातकों की २७ दिन बाद जब मूल नक्षत्र की पुनरावृत्ति हो उस दिन मूल शांति करा लेना जातकों के हित में होगा।

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