आज है सर्वार्थसिद्धि योग, इन उपायों से होगा जबरदस्त फायदा

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Published: 04 Feb 2018, 10:26 AM IST

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चतुर्थी रिक्ता संज्ञक तिथि प्रात: ८.५८ तक, उसके बाद पंचमी पूर्णा संज्ञक तिथि है। चतुर्थी तिथि में यथा आवश्यक शत्रुमर्दन, बंधन, अग्निविषादिक असद् कार्य और शस्त्र प्रहार आद कार्य प्रशस्त हैं। शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं। पंचमी तिथि में भी स्थिर और चंचल कार्य तथा अन्य मांगलिक कार्यादि शुभ कहे गए हैं। ऋण देना शुभ नहीं है। नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी ‘ध्रुव व ऊध्र्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र प्रात: १०.२८ तक, तदन्तर हस्त ‘क्षिप्र व तिङ्र्यंमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में यथा आवश्यक विवाह, यज्ञोपवीत, स्थिरता, अलंकार, गृहारम्भ व प्रवेश आदि तथा हस्त नक्षत्र में यात्रा, विद्या, विवाहादि, अलंकार, वस्त्र, औषध, घर का आरंभ व प्रतिष्ठादिक कार्य शुभ होते हैं। पर अभी शुक्र के बाल्यत्व दोष के कारण विवाहादि मांगलिक कार्य शुभ नहीं है।