आज मंगलवार को चतुर्दशी तिथी पर बना आयुष्मान योग, इन कार्यों को करते ही हो जाएंगे मालामाल

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Published: 30 Jan 2018, 09:49 AM IST

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चतुर्दशी रिक्ता संज्ञक तिथि रात्रि १०.२५ तक, इसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ हो जाएगी। चतुर्दशी तिथि में सामान्यत: अग्निविषादिक असद् कार्य, बंधन व शस्त्रादि दूषित कार्य प्रशस्त हैं। चतुर्दशी तिथि में क्षौर व यात्रा का त्याग करना चाहिए। पूर्णिमा तिथि अतीव शुभ होती है। नक्षत्र: पुनर्वसु ‘चर व तिङ्र्यंमुख’ संज्ञक नक्षत्र रात्रि ८.१८ तक, इसके बाद पुष्य ‘क्षिप्र व ऊध्र्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। यदि समय शुद्ध व तिथि शुभ हो तो पुनर्वसु नक्षत्र में शांति, पुष्टता, गमन, अलंकार, घर, व्रतादि, सवारी, विद्या व कृषि से सम्बंधित कार्य शुभ होते हैं। योग: विष्कुंभ नामक नैसर्गिक अशुभ योग प्रात: १०.३१ तक, इसके बाद प्रीति नामक नैसर्गिक शुभ योग अंतरात्रि ६.२६ तक, इसके बाद आयुष्मान नामक नैसर्गिक शुभ योग है। विशिष्ट योग: आज दोष समूह नाशक रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग रात्रि ८.१८ तक तथा रात्रि १०.२३ से राजयोग नामक शुभ योग है। करण: गर नामकरण दोपहर १२.०८ तक, इसके बाद रात्रि १०.२३ तक वणिज नामकरण, तदन्तर भद्रा प्रारम्भ हो जाएगी।