खुशखबरी 1 July 2020 : आज से चारों धामों के दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु, ये हैं गाइडलााइन

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Updated: 01 Jul 2020, 10:42 AM IST

बद्रीनाथ, केदारनाथ सहित सभी चार धामों के दर्शन...

कोरोना के संक्रमण के बीच लगातार चले 4 लॉकडाउन के बाद मई के अंत में अनलॉक 1 शुरु हुआ, जबकि केंद्र सरकार ने 29 जून 2020 को अनलॉक 2 के लिए गाइड लाइन जारी की।

वहीं अब जुलाई 2020 के पहले दिन यानि 1 जुलाई यानि आज से उत्तराखंड में प्रदेशवासी अब बद्रीनाथ, केदारनाथ सहित सभी चार धामों के दर्शन कर सकेंगे। इसके तहत राज्य के अंदर एक जिले से दूसरे जिले में लोगों को चारधाम के दर्शन की सीमित संख्या में अनुमति ही दी गई है।

बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने इस संबंध में यहां आदेश जारी करते हुए कहा कि निषिद्ध क्षेत्रों और ‘बफर जोन’ में रहने वाले लोगों को किसी भी धाम क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

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दरअसल सरकार ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद चारधाम यात्रा को शुरू करने का निर्णय ले लिया है,इसके तहत राज्य के निवासियों को एक जुलाई से बद्रीनाथ, केदारनाथ सहित सभी चार धामों के दर्शन की सशर्त अनुमति दे दी। जिसके बाद उत्तराखंड के नागरिक 01 जुलाई से चारों धामों के दर्शन कर सकेंगे।

ऐसे में कोरोना का संक्रमण न फैले इसे लेकर सरकार ने दर्शन को जा रहे लोगों के लिए गाईडलाइन भी जारी की है। साथ ही दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन भी करना होगा।

इससे पहले जारी आदेशों के अनुसार, 30 जून तक केवल उसी जिले में रहने वाले श्रद्धालुओं को जिलाधिकारी की अनुमति से चारों धामों में दर्शन की अनुमति थी जहां ये मंदिर स्थित हैं। कोविड-19 के मद्देनजर चार धामों के दर्शन की अनुमति कुछ प्रतिबंधों के तहत दी गयी है।

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ऐसे कर सकेंगे दर्शन...
आदेश के अनुसार, राज्य में रहने वाला व्यक्ति यदि राज्य के बाहर से यात्रा करके आया है तो पृथकवास अवधि पूरी करने के बाद ही चारधामों के दर्शन के लिये पात्र होगा।
:यात्रा प्रारंभ करने से पहले श्रद्धालु को बोर्ड की वेबसाइट पर पंजीकरण करना होगा जिसके बाद उसे ई-पास जारी होगा।
: श्रद्धालु प्रत्येक धाम क्षेत्र में यात्रा विश्राम स्थल पर केवल एक रात ही रूक सकते हैं।
: कोविड-19 या फ्लू के लक्षणों वाले व्यक्तियों को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
: भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, 65 साल से अधिक के बुजुर्गों तथा दस वर्ष से कम उम्र के बच्चे तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे व्यक्ति यात्रा नहीं कर पाएंगे।
: राज्य से बाहर के लोगों को किसी भी तरह की मंजूरी नहीं मिलेगी।
: लोगों को अपने स्थानीय निवासी के प्रमाण के रूप में आईडी दिखानी होगी।

उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के सीईओ रमन ने बताया कि अभी राज्य के भीतर के लोगों को ही मंजूरी दी जा रही है। इसके लिए लोगों को संबंधित धाम के जिला प्रशासन से मंजूरी लेनी होगी।

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स्थानीय प्रशासन से यात्रा पास जारी होने के बाद ही लोग यात्रा कर सकेंगे। अभी तक धामों से जुड़े जिलों उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली के भीतर के ही स्थानीय लोगों को ही मंजूरी दी गई थी। बदरीनाथ धाम में तो पूरे जिले को भी मंजूरी नहीं थी।

ये रहेगी सीमित संख्या...
चारधाम में लोगों को बेहद सीमित संख्या में प्रवेश दिया जाएगा। बद्रीनाथ धाम में 1200, केदारनाथ 800, गंगोत्री 600, यमुनोत्री में 400 लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा।

अभी तक जिलों के भीतर स्थानीय लोगों के दर्शन करने की संख्या बहुत कम रही है। नौ जून से अभी केदारनाथ धाम पहुंचने वालों की संख्या 57, बद्रीनाथ धाम में 213 लोग ही दर्शन को पहुंचे जबकि गंगोत्री व यमनोत्री तो कोई पहुंचा ही नहीं।

ये हैं नियम...
: धाम क्षेत्र में यात्रा के दौरान हैंड सैनिटाइजर और मास्क का उपयोग तथा सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा।

: मंदिर प्रवेश से पूर्व श्रद्धालुओं को हाथ-पैर धोना अनिवार्य होगा और बाहर से प्रसाद या चढ़ावा मंदिर परिसर में नहीं लाया जा सकेगा।
: रावल, धर्माधिकारी, पुजारियों तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर किसी भी धाम के गर्भगृह और गर्भगृह से सटे हुए सभामंडप के आगे के भाग में श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित होगा।
: केदारनाथ में एक घंटे में अधिकतम 80 श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।