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आरोपी ने हाजिर होकर दिया सड़क सुरक्षा का संदेश

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Feb, 13 2020 09:22:02 (IST)

जेकेके में वरिष्ठ रंगकर्मी नरेन्द्र अरोड़ा के निर्देशन में नाटक का मंचन

जयपुर. जवाहर कला केंद्र की पाक्षिक थिएटर योजना के तहत गुरुवार को रंगायन में नाटक 'आरोपी हाजिर हो' की प्रस्तुति हुई। नाटक का लेखन व निर्देशन नरेंद्र अरोड़ा ने किया। नाटक में सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का बारीक विश्लेषण किया गया। साथ ही लोगों की मानसिकता को बदलने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा का मजबूत संदेश दिया गया। यह नाटक मूल रूप से सड़क दुर्घटनाओं व उनके कारणों पर आधारित रहा। इसमें बताया गया कि कुछ यात्री बस से सफर कर रहे हैं। रास्ते में वे एक रात होटल में रुकते हैं। अगली सुबह जब वे होटल से निकलते हैं तभी उन्हें पता चलता है कि बस खराब हो गई है, जिसकी मरम्मत में 3-4 घंटे लगेंगे। सभी यात्री होटल की लॉबी में गेम खेलकर अपना समय व्यतीत करते हैं, लेकिन तीन वरिष्ठ लोग एक अलग तरह का गेम खेलते हैं। ये रिटायर्ड सरकारी वकील, बचाव पक्ष का वकील व जज हैं। अपना टाइम पास करने के लिए वे बनावटी कोर्ट केस लड़ते हैं। अन्य व्यक्ति भी इस खेल में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन कोई भी व्यक्ति आरोपी नहीं बनना चाहता। केस लडऩे के विषय की खोज करते हुए 'सड़क दुर्घटना' विषय तय किया जाता है।

पहला आरोपी मानवेन्द्र नामक धार्मिक व्यक्ति को बनाया जाता है। उस पर जीवन-मृत्यु के संबंध में गलत व भ्रामक विचार फैलाने का आरोप है। इस तरह के विचार लोगों को सड़क पर लापरवाही से चलने के लिए उकसाते हैं। गंभीर पैरवी, बहस व चर्चाओं के बाद मानवेंद्र अपना गुनाह स्वीकार कर लेता है। इसके बाद उन युवाओं व ट्रक चालकों के बारे में चर्चा की जाती हैए जो सड़क दुर्घटनाओं से सर्वाधिक प्रभावित होते हैं। इन पर प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से एक के बाद एक आरोप लगाए गए। नाटक में सड़क दुर्घटना में मरने वाले कुछ महत्वपूर्ण लोगों की आत्माओं को दिखाया गया। इन आत्माओं ने सड़क दुर्घटनाओं से उन्हें होने वाले दर्द को व्यक्त किया। प्रत्येक व्यक्ति और परिवार की जिम्मेदारियों को रेखांकित करने के साथ नाटक का समापन हुआ। नाटक के अंत में दर्शकों के समक्ष कुछ सवाल छोड़ दिए जाते हैं।
मंच पर

नाटक में रमन मोहन, योगन्द्र सिंह परमार, माइनुद्दीन, राजीव, मोहन, विनोद भट्ट, अनीता, अमित, अंजलि और तनवीर शामिल थे।