ये डायरेक्टर तय करेंगे कि वो बायोपिक में किस एक्ट्रेस को लेते हैं— झूलन गोस्वामी

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Published: 21 Jan 2020, 04:43 PM IST

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान झूलन गोस्वामी ने फ्लो मेम्बर्स के साथ किया इंटरेक्शन
क्रिकेट में फिटनेस कल्चर लेकर आए हैं विराट

बायोपिक पर कुछ नहीं कहना

जयपुर. भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान झूलन गोस्वामी ने अपने शुरुआती दौर की बात करते हुए बताया कि मेरे परिवार ने वीमन क्रिकेट का नाम कभी सुना ही नहीं था। जब मैंने पहली बार उन्हें अपने क्रिकेट पैशन के बारे में बताया और प्रोफेशनल क्रिकेटर बनने की इच्छा जताई तो जैसे घर में एटम बम गिर गया हो। मेरा पढ़ाई में बिल्कुल भी ध्यान नहीं था, एेसे में घर वालों को लगने लगा था कि मैं फ्यूचर में कुछ नहीं कर सकती। लेकिन मैंने अपने क्रिकेट पैशन को हमेशा जिंदा रखा। झूलन राजस्थान क्रिकेट एकेडमी में फिक्की लेडीज ऑर्गेनाइजेशन (फ्लो) की मेम्बर्स से रूबरू हुई। मौका था, फ्लो क्रिकेट लीग का। जिसमें फ्लो मेम्बर्स की यलो पैंथर्स और रेड टाइग्रेसेस की टीम ने २०-२० मैच खेला गया। मैच की शुरुआत से पहले फ्लो चेयरपर्सन श्वेता चोपड़ा ने झूलन के साथ इंटरेक्शन किया। इस दौरान झूलन ने बताया कि वेस्ट बंगाल में फु टबॉल ज्यादा पॉपुलर है। लेकिन मेरा रुझान शुरू से क्रिकेट में रहा। मैं टीवी पर घंटों क्रिकेट देखती थी और उसकी प्रेक्टिस करती थी।
सचिन सर मेरे फे वरेट थे, मैं ही क्यों हमारी जनरेशन सचिन सर का मैच देखती हुई बड़ी हुई। मैंने घर में सचिन सर के खूब सारे पोस्टर और स्टीगर लगा लगे थे। आज भी घर में क्रिकेट के स्टीगर मिल जाते हैं। बायोपिक के सवाल पर झूलन ने कहा कि इस बारे में मैं कुछ नहीं कहना चाहती हूं, ये डायरेक्टर तय करेंगे कि वो बायोपिक में किस एक्ट्रेस को लेते हैं।

क्रिकेट में फिटनेस कल्चर लेकर आए हैं विराट
मैंने इंडियन क्रिकेट में सचिन से विराट का एरा का देखा है। विराट इंडियन क्रिकेट में फिटनेस कल्चर लेकर आए हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है, कि फिटनेस प्रायोरिटी पर होनी चाहिए, तभी सक्सेस मिल सकती है, चाहे फिर वह क्रिकेट फील्ड हो या फिर दुनिया को कोई भी कार्यक्षेत्र। विराट के मोटिवेशन से लोग फिटनेस पर बिलिव करने लगे हैं।

कैप्टन की जिम्मेदारी है बहुत बड़ी
एक कैप्टन के तौर पर मैंने महसूस किया है कि जब टीम मैच जीतती है, तो यह सबकी सफलता होती है, लेकिन जब टीम हार जाती है, तो यह कैप्टन का फैलियर होता है। हम हमेशा मिस्टेक से ही सीखते हैं, क्योंकि उसके बाद ही गलत और सही के अंतर का पता लगा पाते हैं। कैप्टन की जिम्मेदारी टीम को एक अच्छा माहौल देना भी होता है। क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर, वेदाकृष्ण मूर्ति और पूनम राउत ने मेरी कैप्टनशिप में डैब्यू किया था। एेसे में मेरी जिम्मेदारी थी कि उन्हें उनके कम्फर्ट जोन के साथ मोटिवेशन भी दूं। क्रिकेट में पॉलिटिक्स पर झूलन ने कहा कि यहां पॉलिटिक्स नहीं होती है, हर टीम मेम्बर्स की सोच अलग होती है, हो सकता है सोच में मतभेद हो, लेकिन सबका लक्ष्य जीत ही होता है।

सोशल मीडिया ने वीमन क्रिकेट को प्रमोट किया है
आइसीसी, बीसीसीआइ ने वीमन क्रिकेट को बहुत आगे बढ़ाया है। आज वीमन क्रिकेटर्स को सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं, उन्हें प्रमोट किया जा रहा है। वहीं सोशल मीडिया ने भी वीमन क्रिकेट को नई जान दी है, इससे दूर-दराज के क्षेत्रों की बच्चियों में क्रिकेट के प्रति अवेयरनेस बढ़ी हैं, वे क्रिकेट खेल रही हैं।