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VIDEO : विद्यार्थियों ने गांव में रैली निकालकर महिला पीटीआई के खिलाफ लगाए नारे, फिर स्कूल पर ताला लगाकर किया प्रदर्शन

By Suresh Singh Hemnani

Sep, 12 2018 07:09:15 (IST)

-पाली जिले के आउवा गांव की सीनियर स्कूल का मामला
-तहसीलदार ने मौके पर पहुंच पीटीआई को एपीओ करने का दिया आदेश

VIDEO : विद्यार्थियों ने गांव में रैली निकालकर महिला पीटीआई के खिलाफ लगाए नारे, फिर स्कूल पर ताला लगाकर किया प्रदर्शन

आऊवा/पाली। जिले के आउवा में सीनियर स्कूल के विद्यार्थियों ने बुधवार को स्कूल पर तालाबंदी कर पूरे गांव में महिला पीटीआई के विरोध में नारे लगाते हुए रैली निकाली। इसके बाद विद्यार्थियों ने स्कूल के बाहर शामिल होकर टायर जलाकर विरोध-प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे मारवाड़ जंक्शन तहसीलदार माधोसिंह राजपुरोहित ने विद्यार्थियों व ग्रामीणों के आक्रोश को शांत करते हुए शिक्षा विभाग के अतिरिक्त प्रयोजना समन्वय अधिकारी मुकेशचंद मीणा को पीटीआई को एपीओ करने का आदेश दिया।

स्कूल के विद्यार्थियों ने बताया कि पीटीआई नंदू कुमारी व प्राचार्य श्रवण कुमार सैनी के बीच लम्बे समय ये तकरार चल रही है। इन दोनों के बीच हो रहे विवाद के कारण स्कूल में अराजकता का माहौल पैदा हो गया है। प्रार्चाय ने इस मामले को लेकर शिक्षा विभाग व प्रशासन को शिकायत कर रखी है। बावजूद इसके कोई समाधान नहीं हुआ। ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। विद्यार्थियो ने बताया कि पीटीआई हम बच्चों को डराती-धमकाती रहती है। इसी बात को लेकर बुधवार को विद्यार्थियों ने स्कूल के गेट पर ताला लगाकर गांव में रैली निकालकर पीटीआई के विरोध नारे लगाए। इस दौरान स्कूल के बाहर टायर जलाकर पीटीआई को हटाने की मांग भी की। सूचना मिलने पर पुलिस चौकी के जवान मौके पर पहुंचे ओर विद्यार्थियों से समझाइश करने लगे। बात नहीं बनी तो स्कूल प्राचार्य सैनी ने जिला शिक्षा अधिकारी, मारवाड़ उपखण्ड अधिकारी व तहसीलदार को सूचना देकर मौके पर बुलवाया। इसके बाद तहसीदार राजपुरोहित ने विद्यार्थियों व अभिभावकों से चर्चा कर मामले को शांत करते हुए शिक्षा विभाग के अतिरिक्त प्रयोजना समन्वय अधिकारी मीणा को पीटीआई को एपीओ करने का आदेश दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ।

पीटीआई ने कहा विद्यार्थी मेरे बच्चों के सम्मान हैं
स्कूल के बाहर विद्यार्थियों के चल रहे विरोध-प्रदर्शन के दौरान पीटीआई नंदू कुमारी ने ग्रामीणों व अधिकारियों के सामने कहा कि विद्यार्थी मेरे बच्चे के सम्मान हैं। मैंने कभी भी इनका बुरा नहीं चाहा। मैं हमेशा विद्यार्थियों के साथ मिलकर कार्य किया है।