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VIDEO : राव जैताजी जयंती पर राजपूत समाज ने निकाली वाहन रैली, समारोह में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का हुआ सम्मान

By Suresh Singh Hemnani

Sep, 12 2018 08:12:14 (IST)

-सोजतरोड के निकट बगड़ी नगर में हुआ जयंती समारोह

VIDEO : राव जैताजी जयंती पर राजपूत समाज ने निकाली वाहन रैली, समारोह में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का हुआ सम्मान

सोजतरोड/पाली। राव जैताजी की जयन्ती पर बुधवार को राजपूत समाज द्वारा जिले के सोजतरोड कस्बे में शौर्य भरे डीजे गीतों के साथ वाहन रैली निकाली गई। समारोह में प्रतिभावान छात्र-छात्रों को सम्मान भी किया गया। समारोह में समाज के युवा केसरिया साफा पहने हुए नजर आए।

राव जैताजी राठौड़ जयंती समारोह व बगडी नगर स्थित मूर्ति अनावरण के तृतीय वर्षगांठ पर राजपूत समाज द्वारा सोजतरोड के रेलवे स्टेशन के समीप स्थित शिव मंदिर से शौर्य भरे डीजे गीतों के साथ वाहन रैली निकाली। जिसमें सभी युवा केसरिया साफा बांधकर शामिल हुए। यह रैली मुख्य बाजार से सुभाष मार्ग होते हुए बगड़ी नगर पहुंची। वीर शिरोमणी राव जैताजी राठौड़ विकास समिति के अध्यक्ष भगवतसिंह ने बताया कि समारोह में 40 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का, भामाशाह व समाजसेवकों का सम्मान किया गया। वहीं चार विधवा महिलाओं को सिलाई मशीन दी गई। इस मौके पर भामाशाहों द्वारा गरीब परिवार की बालिकाओं के विवाह करवाने की घोषणा की गई। साथ ही 5 कमरों के निर्माण की भी घोषणा की गई।


इन्होंने की शिरकत
जयंती समारोह गाजियाबाद के महंत नारायण गिरी महाराज के सानिध्य में हुआ। इस मौके पर समाज के भामाशाह भंवरसिंह मंडली, प्रतापसिंह बिठिया, मोहनसिंह, पीरसिंह लाडपुरा, भगवानसिंह ढूंढा, जालमसिंह बगड़ी नगर, जब्बरसिंह देवली हुला, भंवरसिंह पिपलाज, दलपतसिंह सांडिया, लक्ष्मणसिंह गिरवर, बगड़ी सरपंच भगवती देवी सहित अन्य लोगों का स्वागत किया गया। वहीं अतिथियों में उपनिदेशक चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग युध्वीरसिंह, एसडीएम महावीर सिंह, खनिज विभाग भीमसिंह, सीएमएचओ सुरेन्द्र सिंह शेखावत मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन भूपेन्द्र सिंह सारंगवास ने किया गया।

यह है इतिहास
वीर शिरोमणि गिरी सुमेल के युद्ध में मारवाड़ शासक मालदेव के पक्ष में जैताजी-कुपाजी नाम से मशहूर दो वीरों ने 5 जनवरी 1544 ई. को शेरशाह सूरी के विरुद्ध लड़ते हुए उनके अदम्य साहस को देख स्वयं शेरशाह ने कहा था कि ‘मैं एक हाथ भरे बाजरे को पाने के लिए दिल्ली की सल्तनत खो बैठता’। इस युद्ध मे लड़ते हुए दोनों वीरों को वीरगति प्राप्त हुई।