अब तो पधारो म्हारे देस

|

Updated: 21 Sep 2021, 04:54 PM IST

- पांच लाख विदेशी पर्यटकों को नि:शुल्क वीजा जारी करने की कवायद कर रही केन्द्र सरकार

पाली। कोरोना महामारी के घटते प्रभाव के बीच अब धीरे-धीरे पर्यटन उद्योग भी पटरी पर लौट रहा है। केन्द्र सरकार की इस घोषणा से एक बड़ी उम्मीद यह भी बंधी है कि अगले कुछ ही समय में पर्यटन फिर रफ्तार पकड़ेगा। केन्द्र सरकार ५ लाख विदेशी पर्यटकों को नि:शुल्क वीजा देने की तैयारी कर रही है। यह पर्यटन उद्योग के लिए राहतभरी खबर है। पिछले डेढ़ साल से विदेशी पर्यटक कोरोना महामारी के कारण ‘अतुल्य राजस्थान ’ का लुत्फ नहीं उठा पाए। इस कारण यह उद्योग भी प्रभावित रहा है। अब विदेशी पर्यटकों के आगमन की उम्मीद बंधी है। जोधपुर से उदयपुर के बीच पाली पर्यटकों की खास पसंद है। यहां रोहटगढ़, नारलाई, घाणेराव, राणकपुर जैसे कई पर्यटन स्थल पर्यटकों को लुभाते हैं।

देशी पर्यटकों से मिल रहा ‘जीवनदान’
कोरोना महामारी का सबसे बड़ा खामियाजा उठाने वालों में पर्यटन व्यवसाय भी शामिल है। मार्च २०१९ में जब लॉकडाउन शुरू हुआ तो पर्यटन व्यवसाय एकदम चौपट हो गया। विदेशी-देशी पर्यटकों का आवागमन एकदम बंद हो गया। विदेशी फ्लाइट बंद हो गई। यह सिलसिला अब तक जारी है। विदेशी पर्यटकों की आवक बंद होने से पिछले करीब डेढ़ साल से पर्यटन और होटल व्यवसाय बुरे दौर से गुजर रहा है। इस व्यवसाय से जुड़े हजारों लोग बेरोजगार हो गए। होटल मालिकों के लिए होटलों का रख-रखाव करना तक मुश्किल हो गया। दूसरी लहर के बाद अब स्थितियां सामान्य होने लगी है। कोरोना के केस भी काफी कम हुए हैं। कोरोनाकाल का दूसरा बड़ा सकारात्मक असर यह भी सामने आया कि एेसे भारतीय जो विदेशों में घूमने जाते हैं, उन्होंने विदेशी फ्लाइट बंद होने के कारण भारत में ही घूमना शुरू किया। नतीजा यह हुआ कि होटल व्यवसाय को मामूली जीवनदान मिला है। पिछले दो-तीन महीनों से देशी पर्यटकों की आमदरफ्त बढऩे से पर्यटन क्षेत्र में फिर से रौनक दिखने लगी हैे। अब विदेशी पर्यटकों का आवागमन शुरू होने से यह व्यवसाय तेजी से रफ्तार पकड़ेगा, एेसी उम्मीद की जा रही है।

तीन महीने में 1 लाख 23 हजार 253 वाहनों से पहुंचे लाखों पर्यटक
माउंट आबू। दो वर्षों से कोरोना की वजह से घरों में बैठे देसी पर्यटकों ने इस बार लॉकडाउन खुलते ही जमकर पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। यही कारण रहा कि हिल स्टेशन माउंट आबू में आने वाले पर्यटकों ने तीन महीनों में सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। माउंट आबू में जुलाई-अगस्त व 19 सितंबर तक 1 लाख 23 हजार 253 वाहनों से लाखों पर्यटकों ने माउंट आबू की यात्रा की। तीन महीने में माउंट आबू पहुंचे भारी संख्या में पर्यटकों की वजह से नगरपालिका को 16 करोड़ 2 लाख 89 हजार 440 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ।

इन्होंने कहा...
कोरोना की मार सबसे ज्यादा पर्यटन व्यवसाय ने झेली है। अन्य क्षेत्र सामान्य हो गए, लेकिन पर्यटन-होटल अभी भी मंदी से गुजर रहा है। सरकार पांच लाख विदेशी वीजा नि:शुल्क जारी करने जैसा कदम उठा रही है यह स्वागत योग्य है। फिर भी वीजा की प्रक्रिया में और सरलीकरण किया जाना चाहिए। ताकि, ज्यादा से ज्यादा विदेशी पर्यटक भारत आ सकें। पर्यटन क्षेत्र को पटरी पर लाने के लिए सरकार को हरसंभव प्रयास करने चाहिए। -सिद्धार्थसिंह रोहट, होटल व्यवसायी

विदेशी पर्यटकों को नि:शुल्क वीजा देने से फायदा तो होगा। पर्यटन को दोबारा पटरी पर लाने के लिए सरकार को ज्यादा से ज्यादा प्रयास करने की जरूरत है। आमतौर पर यहां अक्टूबर से मार्च तक विदेशी पर्यटक आते हैं। कोरोना महामारी के बाद पर्यटकों का आना बंद हो गया। आसपास के जिलों से देशी पर्यटक इन दिनों जरूर आ रहे हैं। उम्मीद कर रहे हैं कि फिर से पर्यटन व्यवसाय मजबूती से खड़ा होगा। -शक्तिसिंह, पर्यटन व्यवसायी

अब धीरे-धीरे पर्यटन उद्योग पटरी पर आ रहा है। खासतौर से देशी पर्यटक काफी आ रहे हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार जितना करे उतना कम है। पाली जिले में पर्यटन की असीम संभावनाएं है। विदेशी पर्यटकों की पसंद वाले कई डेस्टीनेशन हैं। सरकार को पर्यटन को बढ़ावा देने पर पूरा फोकस करना चाहिए। विदेशी पर्यटक ज्यादा से ज्यादा रुके इसके लिए भी बेहतर प्लानिंग की जरूरत है। -रघुराजसिंह चुण्डावत, होटल व्यवसायी

मारवाड़ आने वाला सैलानी यहां अधिकतम छह दिन ठहरता है। इसमें डेढ़ दिन जोधपुर, आधा दिन पाली और शेष चार दिन उनके जैसलमेर तथा अन्य जगहों पर गुजरते है। कोरोनाकाल में निसंदेह देसी सैलानियों का भ्रमण बढ़ा है, लेकिन विदेशी सैलानियों का योगदान अहम है। एेसे सैलानियों की आवक बढ़ाने के लिए अब नए सिरे से प्रयास कर रहे हैं। इसमें पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार के साथ इनकी मार्केटिंग पर विशेष फोकस किया जा रहा है। -डॉ. सरिता फिड़ौद, उप निदेशक पर्यटन विभाग जोधपुर

-2021 के 8 महीनों में 136 विदेशी सैलानी ही आए पाली में
-2 लाख 27 हजार 683 देसी सैलानियों ने इन आठ महीनों में लिया भ्रमण का मजा
-0 रहा देसी पर्यटन इस साल मई में, जबकि जून में सिर्फ 1 विदेशी सैलानी पाली आया
-50 सर्वाधिक विदेशी सैलानी आए मार्च में इस साल
-2020 पर्यटन के लिहाज से सबसे बुरा साल साबित हुआ पाली के लिए। इस साल महज 29 हजार 855 विदेशी तथा 83 हजार 419 देसी सैलानियों ने रखा पाली की धरा पर कदम।

कब-कितने आए पाली में सैलानी
वर्ष-देसी-विदेशी
2014-585739-117027
2015-532039-102994
2016-527837-106845
2017-494174-107188
2018-493969-117107
2019-461925-105949