Pakistan: कोविड वैक्सीन नहीं लगवाने पर सिम कार्ड होगा ब्लॉक, पंजाब सरकार का बड़ा फैसला

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Updated: 22 Jun 2021, 05:39 PM IST

पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने ऐलान किया है कि कोविड वैक्सीन की टीका नहीं लगाने वालों के मोबाइल फोन का सिम कार्ड ब्लॉक कर दिया जाएगा।

लाहौर। देश-दुनिया में कोरोना महामारी की रफ्तार अभी थमी नहीं है। ऐसे में इससे निपटने के लिए तेजी के साथ टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। कोरोना महामारी के प्रकोप से बचने के लिए जरूरी है कि जल्द से जल्द हर एक व्यक्ति को कोरोना का टीका लगे।

लेकिन वैक्सीन को लेकर कुछ अफवाह फैलने की वजह से दुनियाभर के कई देशों में लोग टीका लगवाने से कतरा रहे हैं। हालांकि, तमाम सरकारें इन अफवाहों को दूर कर अधिक से अधिक लोगों को टीका लगाने में जुटी है।

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इन सबके बीच पाकिस्तान से एक बड़ी खबर सामने आई है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने कोविड टीकाकरण को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, पंजाब सरकार ने ऐलान किया है कि कोविड वैक्सीन की टीका नहीं लगाने वालों के मोबाइल फोन का सिम कार्ड ब्लॉक कर दिया जाएगा।

यह अप्रत्याशित फैसला प्रांतीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर यासमीन राशिद की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया। सरकार ने स्पष्ट तौर पर कहा कि अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण करने के इरादे से यह फैसला लिया गया है।

कैसे और किसकी सिम होगी बंद?

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि चरणबद्ध तरीके से टीका नहीं लगवाने वाले लोगों का सिमकार्ड बंद किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे लोग जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई है और वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन भी नहीं किया है, तो ऐसे लोगों को पहले चेतावनी दी जाएगी। उन्हें जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन कराने व टीका लगवाने के लिए एक निश्चित समय दिया जाएगा।

इसके बाद यदि उस निर्धारित समयावधि में रजिस्ट्रेशन न कराने व टीका नहीं लगवाने पर उस पहचान पत्र से जुड़े सिम कार्ड को ब्लॉक कर दिया जाएगा। मोबाइल के सिम कार्ड फिर से तभी बहाल किया जाएगा, जब उन्होंने कोविड-19 वैक्सीन लगवा ली होगी।

टीका लगवाने में पंजाब पीछे!

मालूम हो कि पाकिस्तान में कोरोना संकट से निपटने के लिए इस साल 2 फरवरी से टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई थी। आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में अब तक 50 लाख लोगों को टीका लगाई गई है। जबकि 10 लाख से अधिक लोगों को अभी टीका लगना बाकी है।

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टीकाकरण अभियान के पहले चरण में 70 साल से अधिक आयुवर्ग के लोगों को टीका लगाया गया, जबकि अब 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीका लगाया जा रहा है। डॉक्टर राशिद ने कहा, "सूबे में बड़े पैमाने पर टीकाकरण के कारण कोविड-19 के मामलों में 'काफी कमी' आई है। लेकिन, प्राथमिक स्वास्थ्य विभाग के रिपोर्ट से पता चलता है कि अभी भी टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल करने में पंजाब पीछे है।"

डॉ. राशिद के मुताबिक, कोविड-19 वैक्सीन का पहला डोज लगवाने वाले करीब 3 लाख से 4 लाख लोग दूसरे डोज के लिए नहीं पहुंचे हैं।

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