पाकिस्तान: 560 से अधिक पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज

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Updated: 07 Apr 2021, 11:08 PM IST

पाकिस्तान के फैसलाबाद जिले के 563 पुलिसकर्मी कथित तौर पर विभिन्न गंभीर अपराधों में शामिल हैं और उनके खिलाफ 139 मामले दर्ज किए गए हैं।

फैसलाबाद। आतंकवाद के मामले पर पाकिस्तान दुनियाभर में कई बार बेनकाब हो चुका है, और कई बार आंतरिक कानून व्यवस्था को लेकर भी सवालों के घेरे में आ चुका है। इसके कई कारण हैं। इनमें से एक कारण है पाकिस्तान में स्वच्छ छवि के अधिकारियों की कमी। यानी कि पाकिस्तान में अधिकतर पुलिस अधिकारियों पर कई तरह के आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे में कानून-व्यवस्था को बनाए रख पाना थोड़ा कठिन नजर आता है।

अब एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है, जो बहुत ही चौंकाने वाला है। दरअसल, पाकिस्तान के फैसलाबाद जिले के 563 पुलिसकर्मी कथित तौर पर विभिन्न गंभीर अपराधों में शामिल हैं और उनके खिलाफ 139 मामले दर्ज किए गए हैं।

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जिला पुलिस फैसलाबाद द्वारा जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए, डेली टाइम्स (पाकिस्तान) ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट में बताया है कि पुलिस कर्मियों पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, डकैती जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। नशीले पदार्थों की तस्करी, धोखाधड़ी और महिलाओं के उत्पीड़न समेंत अन्य अपराधों में पुलिसकर्मियों के शामिल होने के मामले सामने आए हैं। इन मामलों के तहत 69 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार भी किया गया है और हिरासत में भेज दिया गया है।

बड़े-बड़े अधिकारियों पर भी गंभीर मामले हैं दर्ज

रिपोर्ट के मुताबिक, फैसलाबाद में हर दूसरे पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों के खिलाफ हर दिन एक गंभीर मामले दर्ज होते हैं। पिछले साल 563 जिला पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर मामले दर्ज किए गए थे। इनमें निरीक्षकों से लेकर कांस्टेबल तक के पुलिसकर्मी शामिल हैं।

इन सभी पुलिसकर्मियों को विभिन्न अपराधों में संलिप्त पाया गया है। जिन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं उनमें 17 निरीक्षक, 136 उप-निरीक्षक, 302 सहायक उप-निरीक्षक, 16 हेड कांस्टेबल और 82 कांस्टेबल शामिल हैं।

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डेली टाइम्स (पाकिस्तान) के अनुसार, फैसलाबाद के पुलिसकर्मियों के खिलाफ इतनी बड़ी संख्या में मामले दर्ज करने के बारे में वकीलों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों ने कहा कि केवल एक विभाग, जिसे पुलिस कहा जाता है, अपने कर्मियों को ठीक करना चाहिए या वरिष्ठ अधिकारियों को उन्हें ठीक करना चाहिए।

पंजाब पुलिस के महानिरीक्षक द्वारा इस संबंध में एक आदेश जारी किया गया है कि आपराधिक मामलों में शामिल निरीक्षकों को किसी भी पुलिस स्टेशन में एसएचओ के रूप में तैनात नहीं किया जाएगा। जांच के बाद उन्हें पद से हटा दिया जाएगा।