टोक्यो ओलंपिक: कोविड-19 पॉजिटिव होने पर भी डिस्क्वालिफाई नहीं होंगे एथलीट

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Published: 16 Jun 2021, 12:16 PM IST

यह उन एथलीटों के लिए अच्छा हो सकता है जिन्हें कोविड-19 के कारण खेलों से फाइनल से हटना पड़ता है। मैक्कोनेल ने स्वीकार किया कि प्रत्येक खेल में कोविड-19 से निपटने के लिए थोड़े अलग नियम होंगे।

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के खेल निदेशक किट मैक्कोनेल ने कहा है कि प्लेबुक के तीसरे संस्करण में जारी योजनाओं का उद्देश्य प्रतियोगिता की अखंडता को बनाए रखना है और यह सुनिश्चित करना है कि कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले एथलीट अयोग्य नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि ओलंपिक खेल रहा खिलाड़ी अगर कोविड-19 पॉजिटिव पाया जाता है तो वह डिस्क्वालिफाई नहीं किया जाएगा। संक्रमित खिलाड़ी को रिप्लेस किया जाएगा लेकिन उसका हक नहीं छीना जाएगा और उसे भी पदक दिया जाएगा।

स्पोर्ट्स स्पेसिफिक रेगुलेशन
यह उन एथलीटों के लिए अच्छा हो सकता है जिन्हें कोविड-19 के कारण खेलों से फाइनल से हटना पड़ता है। मैक्कोनेल ने स्वीकार किया कि प्रत्येक खेल में कोविड-19 से निपटने के लिए थोड़े अलग नियम होंगे। लेकिन आईओसी ने एक योजना विकसित की है, जिसे स्पोर्ट्स स्पेसिफिक रेगुलेशन कहा जाता है। एथलेटिक्स के किसी इवेंट के फाइनल में अगर कोई खिलाड़ी कोविड पॉजिटिव होने के बाद प्रतियोगिता से हटता है तो रजत पदक मिलेगा।

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हाई रैंक वाले खिलाड़ी को दी जाएगी जगह
उन्होंने कहा, हम प्रमुख सिद्धांतों के साथ आए हैं जिन्हें हमने पिछले हफ्ते आईओसी कार्यकारी बोर्ड की बैठक में पेश किया था। ये सभी इस तथ्य को दशार्ते हैं कि हम प्रतिस्पर्धा की अखंडता को बनाए रखना चाहते हैं और प्रतियोगिता कार्यक्रम और प्रारूप को योजना के अनुसार रखना चाहते हैं। मैक्कोनेल ने कहा, अगर कोई एथलीट हटता है तो उसकी जगह पर उसके बाद सबसे हाई रैंक वाले खिलाड़ी को जगह दी जाएगी। इसके अलावा अगर कोई टीम सेमीफाइनल में छोड़ती है तो उसकी जगह पर उस टीम को मौका दिया जाएगा जो क्वार्टर फाइनल खेली हो। इसी तरह गोल्ड मेडल के इवेंट में खेलने के दौरान अगर कोई खिलाड़ी हटता है तो उसे सिल्वर मिलेगा।