स्ट्रक्चर: गणित, कला और वास्तु की ऑग्मेन्टिड रिएलिटी

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Published: 27 Feb 2021, 09:09 AM IST

अमूर्त कला के प्रख्यात शिल्पकार एंटोन बाकर की वाशिंगटन मॉन्यूमेंट्स ग्राउंड्स, न्यूयार्क के टाइम्स स्क्वायर समेत दुनिया भर के प्रमुख शहरों जैसे पेरिस, टोक्यो, मैक्सिको सिटी में प्रदर्शित गणितीय संरचनाओं के लोग पहले ही मुरीद हैं।

मार्क जेनकिंस, अमरीकी कलाकार

अमूर्त कला के प्रख्यात शिल्पकार एंटोन बाकर की वाशिंगटन मॉन्यूमेंट्स ग्राउंड्स, न्यूयार्क के टाइम्स स्क्वायर समेत दुनिया भर के प्रमुख शहरों जैसे पेरिस, टोक्यो, मैक्सिको सिटी में प्रदर्शित गणितीय संरचनाओं के लोग पहले ही मुरीद हैं। उनके चित्रों में अभिव्यक्ति की उड़ान है तो कल्पना और कौशल का क्षितिज भी। अब उनकी कलाकृतियां घर के आंगन और लिविंग रूम में भी पहुंच गई हैं। यह इसलिए संभव हो सका है क्योंकि वास्तव में ये शिल्प कहीं नहीं हैं। ये कलाकृतियां वर्चुअल हैं और केवल सेलफोन और कैमरायुक्त मोबाइल से ही देखी जा सकती हैं। 'ग्लोबल पर्सपेक्टिव: मैथ, आर्ट एंड आर्किटेक्चर अराउंड द वल्र्ड' शीर्षक वाली प्रदर्शनी की यह शृंखला 2021 के अंत तक दुनिया के हर कोने में देखी जा सकेगी, वह भी निशुल्क।

हर माह विशेष थीम द्ग जैसे फ्रैक्टल, ऑप्टिकल इल्यूजन और मोबियस स्ट्रिप द्ग के साथ नए डिजाइन पेश किए जाएंगे। हालांकि ये आधुनिकतावादी शिल्पकारों कॉन्सटैंटिन ब्रैंकुसी, अलेक्जेंडर काल्डर और इसामुनोगुची की परंपरा के ही हैं, लेकिन बाकर की खोज ज्यादा मिश्रित, व्यवस्थित और सममितीय हैं। नीदरलैंड्स में पले-बढ़े बाकर कहते हैं कि उनकी कलाकृतियां वह सौंदर्य प्रस्तुत करती हैं जो आण्विक स्तर पर विद्यमान रहता है। वर्ष २०१८ में अपने गुरु जैकोबस वर्होफ की मृत्यु के बाद बाकर पूरी तरह से कला के क्षेत्र में उतर गए। वह कहते हैं, 'अब मैं सुंदरता के लिए डेटा-माइनिंग करता हूं।' हालांकि बाकर की कलाकृतियां शुरुआत में खुद उनके द्वारा कोड किए गए एक कम्प्यूटर प्रोग्राम की मदद से तैयार की जाती हैं, लेकिन वे सभी वर्चुअल नहीं रहतीं। हर वर्ष लगभग एक दर्जन डिजाइन बतौर डिजिटल फाइल फाउंड्री को भेजे जाते हैं, जहां उन्हें कांस्य या स्टील में रूपांतरित किया जाता है। उनका मौजूदा शो मूल रूप से न्यूयार्क के नेशनल म्यूजियम ऑफ मैथमेटिक्स के लिए नियत किया गया था।

जाने-माने शिल्पकार एंटोन बाकर के नवीनतम वर्चुअल स्कल्पचर डिस्प्ले की शृंखला में फरवरी में प्रदर्शित जटिल और चटक लाल 'पॉलिलाइन' आकृतियां (बाएं)। मार्च में इनका स्थान लेंगी 'सिल्वरी नॉट्स' (ऊपर)। महामारी के चलते बाकर और म्यूजियम ने ऑग्मेन्टिड रिएलिटी का सहारा लिया। शुरुआत में जिओलोकेशन का इस्तेमाल किया गया, जिसके तहत व्यूअर को कलाकृति के लिए चयनित स्थल से 150 फुट दूरी के अंदर रहना जरूरी था। बाकर अपने काम को सूचनाओं और व्यापक तौर पर जीवन को समझने के दृष्टिकोण का रूपक मानते हैं।
द वाशिंगटन पोस्ट