Sakinaka Rape Case: मुंबई पुलिस हर थाने में बनाएगी Nirbhaya Squad

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Updated: 14 Sep 2021, 07:28 PM IST

Sakinaka Rape Case: साकीनाका में 32 वर्षीय महिला से रेप के बाद हत्या के मामले में मुंबई पुलिस ने सख्ती बरतते हुए महिलाओं पर होने वाले अपराधों को रोकने के लिए हर थाने में निर्भया दस्ते (Nirbhaya Squad) के गठन का आदेश दिया है।

मुंबई। साकीनाका में एक 32 वर्षीय महिला के साथ नृशंस बलात्कार-हत्या के मामले के बाद मुंबई पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए एक विशेष दस्ते के गठन की घोषणा की है। इस दस्ते का नाम निर्भया स्क्वॉड रखा गया है।

मुंबई के पुलिस आयुक्त द्वारा जारी किए गए एक आतंरिक पत्र में कहा गया है कि निर्भया स्क्वॉड का मतलब "अपराधियों के मन में भय पैदा करने के साथ महिलाओं के प्रति सम्मान को प्रेरित करना है।"

वहीं, पुलिस ने मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था एमपॉवर के साथ यौन उत्पीड़न और बाल यौन शोषण के शिकार लोगों के साथ-साथ किशोर अपराधियों को परामर्श देने के लिए भी करार किया है।

निर्भया दस्ते का गठन हर थाने में किया जाएगा और इसमें एक महिला अधिकारी और दो कांस्टेबल शामिल होंगे, जिनमें एक ड्राइवर के अलावा कम से कम एक महिला होगी। उन्हें एक मोबाइल पेट्रोलिंग वाहन सौंपा जाएगा और ऐसे सभी निर्भया दस्तों के काम की निगरानी क्षेत्रीय स्तर पर एक महिला सहायक आयुक्त द्वारा की जाएगी जो एक नोडल अधिकारी होगी।

इस पत्र में कहा गया है, "निर्भया दस्ते को दो दिवसीय प्रशिक्षण से गुजरना होगा और उनकी जिम्मेदारियों में से एक उन क्षेत्रों में खुफिया जानकारी इकट्ठा करना होगा जहां महिला छात्रावास, आश्रय, बच्चों के घर या अनाथालय स्थित हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध के लिए हॉटस्पॉट की पहचान की जानी चाहिए और एक पैट्रोलिंग पैटर्न तय किया जाना चाहिए, जो विश्वविद्यालयों, खेल के मैदानों, सिनेमा हॉल, उद्यान, मॉल, बाज़ार आदि जैसे क्षेत्रों को कवर करे।"

स्कूलों और कॉलेजों में "निर्भया बॉक्स" लगाए जाएंगे, जहां लड़कियां अपनी शिकायतें दस्ते को बताने के लिए पोस्ट कर सकती हैं। नागराले ने कहा, "दस्ते को पिछले पांच वर्षों में यौन अपराधों के लिए बुक किए गए लोगों की एक सूची पुलिस स्टेशन से प्राप्त करनी चाहिए और उनकी गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए।"

आयुक्त ने दस्ते को थाने के अधिकार क्षेत्र में अकेली रहने वाली बुजुर्ग महिलाओं की सूची तैयार करने और उनकी शिकायतों के निवारण के लिए उनसे मिलने का भी निर्देश दिया। दस्ते को इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्डिंग उपकरणों जैसे पेन कैमरा का उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा जो सबूत प्रदान कर सकते हैं।

दस्ते के पास उनके द्वारा की गई कार्रवाई को नोट करने के लिए एक अलग रजिस्टर होना चाहिए और रजिस्टर की जांच नोडल अधिकारी द्वारा की जानी चाहिए। हर माह बेहतर प्रदर्शन करने वाले दस्ते को आयुक्त द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।