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सर्वर डाउन होने से बमुश्किल हो पा रहे 4-5 किसानों के पंजीयन

By Ajay Khare

Sep, 12 2018 10:29:31 (IST)

नरसिंहपुर । खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान, मोटा अनाज और अन्य फसलों के पंजीयन कराने के लिए किसान हलाकान हैं। जिले की सहकारी समितियों में पंजीयन किया जा रहा है वहां पर सर्वर डाउन होने की वजह से एक दिन में बमुश्किल 4-5 किसानों का ही पंजीयन हो पा रहा है।

Registration issue for crop sale at support price, now the operator also went on strike

नरसिंहपुर । खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान, मोटा अनाज और अन्य फसलों के पंजीयन कराने के लिए किसान हलाकान हैं। जिले की सहकारी समितियों में पंजीयन किया जा रहा है वहां पर सर्वर डाउन होने की वजह से एक दिन में बमुश्किल 4-5 किसानों का ही पंजीयन हो पा रहा है। इस मान से जिले भर के केन्द्रों पर 200-250 किसानों का ही पंजीयन हो पा रहा है। इन हालातों के चलते किसानों की मुसीबतें बढ़ रही है। वहीं वहीं अब पंजीयन कराने वाले आपरेटरों की हड़ताल होने से नई समस्या सामने आ गई है।
उल्लेखनीय है कि शासन स्तर से पोर्टल संबंधी विभिन्न समस्याओं के चलते पंजीयन की तारीख 20 सितम्बर तक बढ़ाई गई है। वर्तमान स्थिति के चलते किसान जहां सर्वर की वजह से परेशान थे अब आपरेटरों की हड़ताल होने के कारण पंजीयन का काम ही ठप हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पंजीयन केन्द्रों की स्थिति और भी खराब है। समितियों के सूत्रों का कहना है कि नेटवर्क नहीं मिलने से यहां-वहां जाकर पंजीयन करा रहे थे, लेकिन अब आपरेटर ही नहीं है तो हम क्या करें?
बुधवार को अनेक किसान सहकारी समिति इतवारा बाजार में पंजीयन कराने आए किन्तु उनका पंजीयन नहीं हो सका। इस संबंध में किसान संत सिंह जाट ने बताया कि वह पंजीयन कराने के लिए समिति के कार्यालय 10 वीं बार आए हैं। पूर्व में विभिन्न तकनीकी जानकारियों का अभाव रहा, पोर्टल में सुधार के बाद अब हाल यह है कि सर्वर डाउन हीं रहता है। समिति के कर्मचारियों का कहना है कि वे भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए पोर्टल की गतिविधि आगे बढऩे के लिए स्क्रीन देखने के अलावा कुछ नहीं कर सकते।
वृहताकार सहकारी समिति कार्यालय में आए किसान अशोक जाट, नीलेश जाट, महेश पटैल, नरेन्द्र पटेल, प्रेम सिंह यादव, सर्वे यादव आदि ने बताया कि रोज ही वे बड़ी उम्मीद लेकर यहां आ रहे हैं, जिनका पंजीयन हो जाता है वह किसान तो खुश हो जाता है, लेकिन बाकी किसान यहां एक दूसरे का मुंह ताकते बैठे अपनी बारी आने का इंतजार करते रहते हैं। राम पटैल, रामस्वरूप सिंह, प्रकाश पटैल, विवेक यादव आदि किसानों ने बताया कि धान, ज्वार, बाजरा, सोयाबीन, अरहर, उड़द, मूंग, मक्का का अलग-अलग पंजीयन होता है जिसमें काफी समय लगता है। एक-एक जिन्स की जानकारी दर्ज होने में आधा से एक घंटे तक का समय लग रहा है। पंजीयन कराने सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक बैठे रहे पर फसलों का पंजीयन नहीं हो सका। अधिकांश समय सर्वर डाउन रहा है। वहीं आज जानकारी मिली है कि अब आपरेटर भी हड़ताल पर चले गए।
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