पौधे लगाने के साथ पर्यावरण रक्षा का लिया संकल्प

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Published: 02 Aug 2021, 09:54 PM IST

Nagaur. बहुउद्देशीय चिकित्सालय में पौधरोपण

नागौर. जिला मुख्यालय के बहुउद्देशीय चिकित्सालय में पौधरोपण किया गया। इसमें विभिन्न प्रकार के छायादार पौधे लगाए गए। इस मौके पर पशु चिकित्सक महेन्द्र छंगाणी ने पर्यावरण में पेड़ों की महत्ता पर प्रकाश डाला। छंगाणी ने कहा कि पेड़ों के बिना मानव जीवन के संतुलन की संकल्पना भी नहीं की जा सकती है। सभी का कर्तव्य है कि वह पेड़ों को संरक्षित करें, तो पेड़ भी मानव को संरक्षित करने का काम करेंगे। इसमें पशुधन सहायक नरसीराम, राधेश्याम, मुकेश बोहरा, सुनील फरड़ोदा आदि मौजूद थे।
जैन धर्म दर्शन में भावनाओं का महत्व
नागौर. श्री जैन श्वेतांबर तपागच्छ श्री संघ के बोहरावाड़ी स्थित उपाश्रय में प्रवचन में साध्वी सौम्यप्रभा ने कहा कि जैन धर्म दर्शन में भावनाओं का बहुत बड़ा महत्व है। भाव से किया गया तप जीवन के सारे संतापो को दूर कर देता है। भावना से दिया गया दान वरदान बन जाता है। शुभ भावों से पुण्य संवर निर्जरा और मुक्ति तक की साधना सरल बन जाती है। शुभ भाव व्यक्ति को ऊपर उठा देता है तो अशुभ भाव नीचे गिरा देता है। प्रतिदिन शुभ भावनाओं का चिंतन करते रहना चाहिए। भावनाओं की असर आत्मा पर भी पड़ती है तो व्यावहारिक जगत में परिवार पर भी पड़ती है। बेशक एक घर में परिवार रहता है मगर परिवार एक दूसरे से मिल कर के नहीं रहता उसके पीछे यदि कोई कारण है तो शुभ भावनाओं की कमी है। एक दूसरे के प्रति अपनत्व की कमी है। एक घर में रहने वाले परिवार को शक्कर की तरह एक-दूसरे के साथ में घुल मिल जाना चाहिए। लुखी निर्मित करवाया गया एवं कर लो दुनियां मु_ी में इस आधार पर एक प्रश्न मंच रखा गया। इसमें समाज के लोगों ने भाग लिया।
मेघवाल समाज के छात्रावास में कमरों का लोकार्पण
नागौर. मेघवाल के समाज के छात्रावास में कमरों का लोकार्पण समारोहपूर्वक किया गया। इस दौरान भामाशाहों का भी सम्मान किया गया। मेघवाल समाज विकास समिति के जिलाध्यक्ष बी. एल. भाटी ने बताया कि अखिल भारतीय सांगलिया धूनी के पीठाधीश्वर ओमदास के सानिध्य में लोकार्पण किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपाराम का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपाराम ने सामाजिक विकास एवं समरसता पर बल देते हुए समाज के समग्र उन्नति पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज को प्रत्येक कार्य में अपनी सहभागिता करनी चाहिए। बच्चों की शिक्षा के साथ ही विकास से जुड़े अन्य मूलभूत समस्याओं के निवारण में समाज की भूमिका अग्रणी रही है। इस समाज के विभिन्न संगठनों के अलावा जिले भर से आए जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।